फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Migraine Problem: न्यूरो विकारों का संकेत हो सकता है ऐसा दर्द, इन उपायों से पा सकते हैं शीघ्र आराम

Tue, 15 Mar 2022 05:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
माइग्रेन की समस्या और इसके लक्षण - फोटो : iStock
सिरदर्द की समस्या काफी असहज कर देने वाली स्थितियों में से एक होती है। पर हर बार सिरदर्द को सामान्य मान लेना सेहत के लिहाज से सही नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बार-बार होने वाला सिरदर्द शरीर की कई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है, इसलिए समय पर स्थिति का सही निदान किया जाना आवश्यक है। माइग्रेन भी ऐसा ही एक सिरदर्द का प्रकार है, जिसे कुछ स्थितियों में मनोरोगों से संबंधित माना जाता है। ज्यादातर स्थितियों में चिंता-तनाव विकार, अवसाद और लंबे समय तक काम का अधिक दबाव बने रहने के कारण माइग्रेन की समस्या होती है। हर बार इसे सामान्य सिरदर्द मानकर दवाइयों का सेवन करना आपकी दिक्कतों को बढ़ा सकता है।

माइग्रेन, सिरदर्द की ऐसी स्थिति है जिसमें सिर के अगले हिस्से और आंखों के पास तेज दर्द की समस्या होती है। सिर में दर्द के साथ मतली-उल्टी जैसे अनुभव और प्रकाश-ध्वनि के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता भी हो सकती है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि यदि इस समस्या को अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो भविष्य में ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा भी बढ़ सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि माइग्रेन होने पर किन उपायों को करने से शीघ्र लाभ पाया जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
माइग्रेन के कारण सिर में दर्द - फोटो : istock
माइग्रेन क्यों होता है?
अमर उजाला से एक बातचीत में न्यूरो विशेषज्ञ डॉ मनीष रंजन बताते हैं, आनुवंशिकी और पर्यावरणीय कारक माइग्रेन की समस्या को बढ़ाते हैं। कुछ लोगों में सेरोटोनिन नामक ब्रेन कैमिकल के असंतुलन के कारण भी यह समस्या देखी जाती है। यह रसायन तंत्रिका तंत्र में दर्द को नियंत्रित करने में मदद करता है। अधिक तनाव लेने या अवसाद से पीड़ित लोगों में भी माइग्रेन की समस्या अधिक देखने को मिलती है। 
विज्ञापन

3 of 5
माइग्रेन में सिरदर्द का रखें खास ख्याल - फोटो : Pixabay
तेज प्रकाश या आवाज वाली जगहों से हट जाएं
तेज लाइट या आवाज माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है, ऐसे में माइग्रेन के दर्द का अनुभव होते ही तुंरत किसी अंधेरे और शांत कमरे में चले जाएं। माइग्रेन अटैक लोगों को प्रकाश और ध्वनि के प्रति बेहद संवेदनशील बना सकता है, इसलिए ऐसे ट्रिगर करने वाले कारकों से दूर रहने का प्रयास करें। प्राथमिक उपचार के तौर पर इस उपाय से आपको शीघ्र लाभ मिल सकता है।

4 of 5
पानी पीते रहना बहुत आवश्यक - फोटो : istock
शरीर को हाइड्रेटेड रखें
निर्जलीकरण, सिरदर्द के प्रमुख कारणों में से एक है, यह माइग्रेन को भी ट्रिगर कर सकता है। जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या बनी रहती है उन्हें खूब पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ हर दिन कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं। माइग्रेन अटैक होने पर भी पानी पीने से लक्षणों की तीव्रता को कम करने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
तनाव-चिंता के कारण माइग्रेन की समस्या - फोटो : Pixabay
तनाव को करें प्रतिबंधित
चिंता-तनाव जैसी स्थितियां ब्रेन कैमिकल को प्रभावित करती हैं, जिससे माइग्रेन की समस्या ट्रिगर हो सकती है। यही कारण है कि सभी लोगों को तनाव को प्रतिबंधित करने वाले उपाय करने का सलाह दी जाती है। योग-मेडिटेशन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। माइग्रेन रोगियों को अपने ट्रिगर प्वाइंट्स पर ध्यान रखते हुए उनसे दूरी बनाकर रखने की कोशिश करनी चाहिए। बार-बार होने वाली इस समस्या में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। 


----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें