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Health Tips: माइक्रोवेव में गर्म करते समय ये गलती करते हैं तो हो सकता है कैंसर, जरूर बरतें ये सावधानियां

Mon, 02 Feb 2026 07:08 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Can Microwave Cause Cancer?: आज के दौर में माइक्रोवेव का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है। मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर इसका इस्तेमाल सावधानी से न किया जाए तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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माइक्रोवेव अवन - फोटो : Freepik.com
Microwave Safety Tips: आज के आधुनिक दौर में बहुत से लोग अपने रसोई में या ऑफिस में माइक्रोवेव का उपयोग करते हैं। माइक्रोवेव एक ऐसा उपकरण है जिससे भोजन को मिनटों में आसानी से गर्म किया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अक्सर लोग माइक्रोवेव में भोजन गर्म करते समय कुछ गलतियां करते हैं जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। इसमें एक बड़ी गलती है प्लास्टिक के बर्तन में भोजन गर्म करना। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कैंसर शोधकर्ताओं के अनुसार जब प्लास्टिक को माइक्रोवेव की हाई रेडिएशन में गर्म किया जाता है, तो इसमें मौजूद हानिकारक रसायन जैसे बिस्फेनॉल-ए और थैलेट्स खाने में घुल जाते हैं। ये केमिकल 'एंडोक्राइन डिस्रप्टर्स' के रूप में काम करते हैं, जो शरीर के हार्मोन्स को बिगाड़ सकते हैं और लंबे समय में कैंसर, विशेषकर ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। 

अच्छी बात यह है कि माइक्रोवेव खुद कैंसर का कारण नहीं बनता, बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाले गलत बर्तन और भोजन को अत्यधिक तापमान पर गर्म करने की प्रक्रिया इसे खतरनाक बना देती है। इसलिए माइक्रोवेव का सुरक्षित उपयोग करने के लिए सही तकनीक और बर्तनों का चुनाव करना आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
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प्लास्टिक का टिफिन - फोटो : Adobe Stock
प्लास्टिक के बर्तनों का प्रभाव
ज्यादातर प्लास्टिक के डिब्बे, हाई तापमान पर सूक्ष्म मात्रा में रसायन छोड़ते हैं जिसे 'लीचिंग' कहा जाता है। ये रसायन सीधे हमारे ब्लड फ्लो में पहुंचकर कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक के बजाय हमेशा कांच या अच्छी क्वालिटी वाले बोरोसिलिकेट बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए।

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माइक्रोवेव से प्रयोग से पोषक तत्व प्रभावित - फोटो : Adobe Stock
भोजन को बार-बार और अत्यधिक गर्म करने के खतरे
माइक्रोवेव में भोजन को बार-बार गर्म करने से उसके पोषक तत्व, जैसे विटामिन-B12 और C, नष्ट होने लगते हैं। इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थ जैसे प्रोसेस्ड मीट को माइक्रोवेव करने पर उनमें 'कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीकरण उत्पाद' बन सकते हैं, जो धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं। भोजन को केवल उतना ही गर्म करें जितना आवश्यक हो, ताकि उसकी रासायनिक संरचना न बदले।

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एल्युमीनियम फॉयल में खाना रखना कितना खतरनाक? - फोटो : Adobe Stock
इन चीजों को माइक्रोवेव में डालने से बचें
कुछ खास चीजें माइक्रोवेव में डालने से बचना चाहिए, जैसे कि प्लास्टिक रैप, एल्युमिनियम फॉयल या फोम के कप। एल्युमिनियम फॉयल से आग लगने का खतरा होता है, जबकि फोम से निकलने वाले स्टाइरीन कैंसरकारक होते हैं। इसके अलावा, हरी पत्तेदार सब्जियों को बिना पानी के माइक्रोवेव करने पर उनमें मौजूद नाइट्रेट्स, नाइट्रोसैमाइन में बदल सकते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हैं।
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प्लास्टिक का टिफिन - फोटो : Adobe Stock
क्या करें?
माइक्रोवेव का उपयोग करना गलत नहीं है, बशर्ते आप सही सावधानियां बरतें। हमेशा 'BPA-फ्री' या कांच के बर्तनों को प्राथमिकता दें और खाने को ढकने के लिए प्लास्टिक रैप के बजाय पेपर टॉवल या कांच की प्लेट का इस्तेमाल करें। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप माइक्रोवेव का लाभ उठाते हुए गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।

Should I put plastic containers in the microwave?
Does the Use of Plastic Containers in the Microwave Cause Cancer

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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