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Health Alert: पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से मरने का खतरा अधिक, जानिए क्या है इसकी वजह

Sat, 10 May 2025 07:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्लसवन मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया भर में पुरुषों में महिलाओं की तुलना में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), डायबिटीज और एचआईवी / एड्स होने और उससे मरने का खतरा अधिक देखा गया है।
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हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी ने कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। यही कारण है कि अब कम उम्र के लोगों में भी ये समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि चिंताजनक रूप से 20 से कम आयु वाले लोगों में भी ये दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र से ही सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं। 

इसी से संबंधित एक हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज का न सिर्फ खतरा बढ़ता जा रहा है साथ ही उनमें इससे मौत का जोखिम भी अधिक देखा गया है।

विशेषज्ञों की टीम ने अलर्ट करते हुए कहा है कि इन क्रॉनिक बीमारियों को हल्के में न लें, सावधानी और बचाव के उपाय सभी के लिए बहुत जरूरी हैं।
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पुरुषों में बढ़ता हाई ब्लड प्रेशर का खतरा - फोटो : Freepik.com
पुरुषों में बीमारी और इससे मौत का खतरा अधिक

प्लसवन मेडिसिन जर्नल
में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया भर में पुरुषों में, महिलाओं की तुलना में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), डायबिटीज और एचआईवी / एड्स होने और इससे मरने का खतरा अधिक देखा गया है। अध्ययन में ये भी सामने आया है कि पुरुषों में इन बीमारियों की दर भले ही ज्यादा है, लेकिन वे इलाज के लिए कम आगे आते हैं। इसके लिए मर्दानगी से जुड़े सामाजिक मानदंड और हेल्थकेयर की लागत को प्रमुख कारण माना गया है। 
  • करीब 200 देशों में हाइपरटेंशन, 39 देशों जैसे अफगानिस्तान, बांग्लादेश, इथियोपिया में डायबिटीज और 76 देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, इटली, चिली में एचआईवी के इलाज में पुरुषों और महिलाओं को अलग तरह की देखभाल मिली।
  • हाइपरटेंशन में 107 देशों (53 फीसदी) और डायबिटीज में 100 देशों ( 49 फीसदी) में पुरुषों की मृत्यु दर अधिक रही।
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तंबाकू-धूम्रपान के कारण बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियां - फोटो : Freepik.com
कौन सी आदतों को पाया गया जिम्मेदार?

ये अध्ययन ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) डाटा का इस्तेमाल करके किया गया है। इसमें कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।
  • शोधकर्ताओं ने बताया कि पुरुषों में धूम्रपान की आदत ज्यादा देखी गई है।
  • महिलाएं अधिक मोटापे और असुरक्षित यौन व्यवहार का शिकार हैं, बावजूद इसके महिलाएं डॉक्टर के पास अधिक जाती हैं। इससे उनमें बीमारियों का जल्द पता चलता है और उनका इलाज बेहतर होता है।
  • मृत्यु दर के मामले में पुरुषों की एचआईवी / एड्स से मौत 131 देशों (64 फीसदी) में महिलाओं से ज्यादा थी।
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हृदय रोगों के देखभाल की चुनौतियां - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं डॉक्टर?

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर विक्रमजीत सिंह बताते हैं, डायबिटीज-हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भले ही लोगों के लिए बहुत आम हो गई है पर असल में ये बहुत खतरनाक है और साल-दर-साल स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाता जा रहा है। 

मधुमेह और उच्च रक्तचाप को रोकने के लिए कम उम्र से ही संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ वजन बनाए रखने पर ध्यान देते रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त, शराब का सेवन सीमित करें, धूम्रपान से बचें और तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करें।

डॉक्टर बताते हैं, ऑफिस के काम के चलते लोगों के लिए व्यायाम के लिए समय निकाल पाना कठिन हो रहा है। जिम जाने के विकल्प के तौर पर रनिंग और वॉकिंग जैसे अभ्यास भी आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। छोटे-छोटे काम के लिए गाड़ियों से जाने के बजाय पैदल चलना आपकी सेहत के लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है।




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स्रोत और संदर्भ
Correlates of diabetes mellitus and hypertension in India: Change as evidenced from NFHS- 4 and 5 during 2015–2021


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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