हाथों में ग्लव्स और सिर पर टोपी पहना करते थे
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ग्रेट प्लेग में पहना जड़ी-बूटी का मास्क
1665 में जब ग्रेट प्लेग आया तो उस दौरान मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर चमड़े से बना ट्यूनिक, आंखों पर कांच के चश्मे, हाथों में ग्लव्स और सिर पर टोपी पहना करते थे। ये उस समय पीपीई किट की तरह ही होता था। ब्लैक प्लेग में इस्तेमाल किए जाने वाले मास्क को खुशबूदार जड़ी-बूटियों से भरा जाता था, ताकि गंध को शरीर के भीतर पहुंचने से रोका जा सके। बाद में भी ये मास्क इस्तेमाल होते रहे लेकिन उस समय इन्हें मास्क नहीं कहा जाता था लेकिन काम जड़ी- बूटी युक्त ये कपड़े मास्क का ही कर रहे थे और सामान्य लोग इन्हें नहीं पहना करते थे।