स्वस्थ जीवन के लिए बचपन को आधार माना जाता है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी माता-पिता को बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक आहार देने की अपील करते हैं। हालांकि भारत की स्थिति इस संदर्भ में अब भी काफी चिंताजनक बनी हुई है। देश में ज्यादातर बच्चों को शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण उनमें कई प्रकार के रोगों के विकसित होने का खतरा बना रहता है। हाल ही में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित एक सर्वेक्षण में काफी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
इससे पता चलता है कि देश में हर पांच में से दो बच्चे विटामिन-ए की कमी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए तैयार किए गए विटामिन-ए की खुराक से वंचित रह जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए पोषक तत्वों के संयोजन की नियमित आवश्यकता होती है। विटामिन-ए उसमें से एक प्रमुख पोषक तत्व है। यह विटामिन मानव शरीर में कई सेलुलर प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है। आंखों की रोशनी, शारीरिक और मानसिक विकास, घाव भरने, प्रजनन और प्रतिरक्षा के लिए इसका सेवन महत्वपूर्ण है। बच्चों को इसका डोज न मिल पाना उनमें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।