फेफड़ों में बढ़ते कैंसर के मामले
- फोटो : Adobe Stock
कम उम्र वालों में बढ़ते लंग्स कैंसर के मामले
दुनियाभर में लंग्स कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने, बीमारी का जल्द पता लगाने और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए हर साल 1 अगस्त को 'वर्ल्ड लंग कैंसर डे' मनाया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर का खतरा अब कम उम्र वालों में भी बढ़ता देखा जा रहा है। बच्चे भी इसका शिकार हो सकते हैं। हालांकि बच्चों में लंग्स कैंसर को लेकर स्थिति थोड़ी अलग है। उनमें फेफड़ों का प्राथमिक कैंसर बहुत कम होता है। हालांकि यदि बच्चा लंबे समय तक सेकेंड हैंड स्मोकिंग, वायु प्रदूषण जैसी परिस्थितियों के संपर्क में रहता है तो भविष्य में जोखिम बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों में फेफड़ों का कैंसर बहुत दुर्लभ माना जाता है। बच्चों में होने वाले सभी तरह के कैंसर में लंग्स कैंसर के मामले 0.2% से भी कम है।
- वयस्कों की तुलना में, बच्चों में फेफड़ों के ट्यूमर का संबंध शायद ही कभी धूम्रपान या पर्यावरण के प्रदूषकों से होता है।
- इसके लिए मुख्य रूप से जेनेटिक कारणों, जीन में म्यूटेशन या रेडॉन गैस जैसे दुर्लभ पर्यावरणीय कारणों से होता है।
- धूम्रपान जैसी जीवनशैली से जुड़ी आदतों के कारण बच्चों में लंग्स कैंसर का जोखिम नहीं देखा जाता है।