फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lungs Cancer: लंग्स कैंसर में सबसे पहले दिखते हैं ये लक्षण, समय पर हो गई पहचान तो बच सकती है जान

Mon, 03 Nov 2025 07:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फेफड़ों के कैंसर से मृत्यु का प्रमुख कारण, इस समस्या का समय रहते निदान न हो पाना है। अधिकांश मामलों में फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण नहीं दिखाते हैं, पर कुछ संकेतों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
1 of 5
फेफड़ों की बीमारी - फोटो : Adobe Stock
फेफड़ों का कैंसर, दुनियाभर में बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी का अनुमान है कि हर साल 2.38 लाख से अधिक लोगों में फेफड़ों के कैंसर का निदान होता है, 50-60 हजार लोगों की इस कारण से मौत हो जाती है। आमतौर पर माना जाता है कि धूम्रपान करने वालों में इस कैंसर का जोखिम अधिक होता है, पर  यह उन लोगों को भी प्रभावित कर सकता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। धूम्रपान फेफड़ों को लाइन करने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। भारत में इसका जोखिम  अधिक देखा गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फेफड़ों के कैंसर से मृत्यु का प्रमुख कारण, इस समस्या का समय रहते निदान न हो पाना है। अधिकांश मामलों में फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण नहीं दिखाते हैं, पर कुछ संकेतों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। समय पर निदान और इलाज हो जाने पर जान बचाई जा सकती है। 

आइए जानते हैं कि सभी लोगों को किस प्रकार के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
फेफड़ों का कैंसर - फोटो : Freepik.com
जानलेवा होता है फेफड़ों का कैंसर

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के मुताबिक फेफड़ों का कैंसर काफी गंभीर होता है, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। ज्यादातर मामलों में फेफड़े के कैंसर तब तक कोई लक्षण पैदा नहीं करते जब तक कि वे फैल न जाएं। फेफड़ों के कैंसर के कई लक्षण अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते भी हो सकते हैं, यही कारण है कि लोगों में समय रहते इसका निदान नहीं हो पाता है। हालांकि अपने जोखिम कारकों को समझते हुए सभी लोगों को इससे बचाव करते रहना जरूरी है। 
विज्ञापन

3 of 5
सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock
ऐसे शुरुआती संकेतों पर गंभीरता से दें ध्यान

डॉक्टर कहते हैं, यदि आपको लंबे समय से कुछ प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं बनी हुई हैं और सामान्य उपचार से इसमें लाभ नहीं मिल रहा है तो इस बारे में अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है।
  • खांसी जो ठीक न हो रही हो या इसकी समस्या बढ़ रही हो।
  • खांसी से खून आने की दिक्कत।
  • सीने में दर्द जो अक्सर गहरी सांस लेने, खांसने या हंसने से बढ़ जाता है।
  • आवाज में कर्कशता।
  • अस्पष्टीकृत वजन घटाने की समस्या।
  • सांस लेने में कठिनाई।
  • थकान या कमजोरी महसूस होना।
  • ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसे संक्रमण जो ठीक नहीं होते हैं या बार-बार हो जाते हैं। 

4 of 5
फेफड़ों की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : Adobe stock
कैंसर बढ़ने पर होने वाले लक्षण

यदि फेफड़ों का कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैलता है, तो इस स्थिति में आपको कई गंभीर समस्याओं का अनुभव हो सकता है।
  • हड्डी में दर्द (जैसे पीठ या कूल्हों में दर्द)
  • तंत्रिका तंत्र की समस्या जैसे सिरदर्द, कमजोरी या हाथ या पैर की सुन्नता, चक्कर आना, संतुलन की समस्याएं।
  • त्वचा और आंखों में पीलापन बढ़ना।
  • लिम्फ नोड्स में सूजन।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
बचाव के उपाय करना सभी के लिए जरूरी

फेफड़ों के कैंसर से बचाव करना सभी के लिए जरूरी है, भले ही आपमें इसकी फैमिली हिस्ट्री रही हो या नहीं। यह कैंसर किसी को भी हो सकता है, ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखते हुए इससे बचाव करते रहना बहुत आवश्यक है। धूम्रपान बिल्कुल न करें और सेकेंडहैंड धूम्रपान से बचें। यदि आप धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के साथ रहते हैं या काम करते हैं, तो इससे आपको भी खतरा हो सकता है।

फलों और सब्जियों से भरपूर आहार लें और व्यायाम जरूर करें। कुछ प्रकार के योग-अभ्यास फेफड़ों को स्वस्थ रखने और इसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।



-------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें