फेफड़ों का कैंसर, दुनियाभर में बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी का अनुमान है कि हर साल 2.38 लाख से अधिक लोगों में फेफड़ों के कैंसर का निदान होता है, 50-60 हजार लोगों की इस कारण से मौत हो जाती है। आमतौर पर माना जाता है कि धूम्रपान करने वालों में इस कैंसर का जोखिम अधिक होता है, पर यह उन लोगों को भी प्रभावित कर सकता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। धूम्रपान फेफड़ों को लाइन करने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। भारत में इसका जोखिम अधिक देखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फेफड़ों के कैंसर से मृत्यु का प्रमुख कारण, इस समस्या का समय रहते निदान न हो पाना है। अधिकांश मामलों में फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण नहीं दिखाते हैं, पर कुछ संकेतों पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। समय पर निदान और इलाज हो जाने पर जान बचाई जा सकती है।
आइए जानते हैं कि सभी लोगों को किस प्रकार के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है?