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Lung Cancer Awareness: फेफड़ों के कैंसर से हो जाती हैं हर साल लाखों मौतें, ये दो चीजें आपकी सबसे बड़ी दुश्मन

Thu, 16 Nov 2023 12:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फेफड़ों की समस्या - फोटो : iStock
कैंसर दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। वैसे तो कैंसर का जोखिम शरीर के कई अंगों में हो सकता है, पर लंग्स यानी फेफड़ों के कैंसर के मामले पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए हैं।

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले यूएस में साल 2023 में फेफड़ों के कैंसर के लगभग 238,340 नए मामले (पुरुषों में 117,550 और महिलाओं में 120,790) दर्ज किए गए। इस कैंसर के कारण 1.27 लाख से अधिक लोगों की मौत भी हो गई। लंग्स कैंसर के जोखिम को देखते हुए लोगों में जागरूकता बढ़ाने और बचाव के उपायों को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से नवंबर माह को 'लंग्स कैंसर अवेयरनेस मंथ' के रूप में मनाया जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण फेफड़ों में कैंसर विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। कुछ जोखिम कारक आपके लिए भी दिक्कतों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं, जिनपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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फेफड़े की समस्या - फोटो : Pixabay
फेफड़ों में कैंसर की समस्या

फेफड़े, शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी अंग हैं। इसमें कैंसर की स्थिति में आपके फेफड़ों में अनियंत्रित रूप से कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। क्षतिग्रस्त कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होकर ट्यूमर बना सकती हैं। इस कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर फेफड़े और सांस की अन्य समस्याओं से मिलते-जुलते हो सकते हैं, जिसके कारण लोगों के लिए इसे पहचान पाना कठिन हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली की दो आदतों को इस कैंसर का प्रमुख कारक माना जाता है, अगर आपमें भी ये आदतें हैं तो तुरंत सावधान हो जाइए।
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लंग्स कैंसर का खतरा - फोटो : istock
धूम्रपान, लंग्स कैंसर का प्रमुख कारण

डॉक्टर कहते हैं, जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें फेफड़ों के कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है, हालांकि कैंसर उन लोगों में भी हो सकता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। यदि आप धूम्रपान छोड़ देते हैं, तो इस कैंसर के विकास की आशंका को कम भी किया जा सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में, फेफड़ों के कैंसर से होने वाली लगभग 80-90% मौतों का कारण सिगरेट पीना है। अन्य तम्बाकू उत्पादों जैसे सिगार या पाइप का उपयोग करने से भी कैंसर का खतरा हो सकता है।

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सेकेंडहैंड स्मोकिंग - फोटो : pixabay
धूम्रपान के धुएं के संपर्क में आना भी खतरनाक

धूम्रपान, लंग्स कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। हालांकि जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं, घर या काम पर धूम्रपान से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आते हैं, उनमें भी इस कैंसर के विकसित होने का जोखिम हो सकता है। सेकेंडहैंड स्मोकिंग के कारण भी फेफड़ों के कैंसर के मामले काफी बढ़े हैं।

नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) की रिपोर्ट के मुताबिक धूम्रपान, पुरुषों में फेफड़ों के कैंसर के 10 में से नौ मामलों और महिलाओं में 10 में से आठ मामलों का कारण बनता है।
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फेफड़ों को कैसे स्वस्थ रखें - फोटो : istock
फेफड़ों के कैंसर से कैसे बचें

फेफड़ों के कैंसर को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर आप इसके खतरे को कम जरूर कर सकते हैं।
  • धूम्रपान बिल्कुल न करें, न ही सेकेंडहैंड धूम्रपान के संपर्क में आएं।
  • फलों और सब्जियों से भरपूर आहार लें।
  • सप्ताह में कम से 150 मिनट के व्यायाम का लक्ष्य रखें।
  • फेफड़ों में कुछ समस्या बनी हुई है तो समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच जरूर कराएं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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