कोरोना महामारी पिछले ढाई साल से अधिक समय से वैश्विक चिंता का कारण बनी हुई है। इसके कई वैरिएंट्स को काफी गंभीर और संक्रामक माना जाता रहा है, जिसके कारण शरीर में कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। कोरोना से संक्रमित रह चुके लोगों में लॉन्ग कोविड भी एक बड़े खतरे को तौर पर देखा जा रहा है जिसमें संक्रमण से ठीक होने के बाद लंबे समय तक भी लोगों में कोई न कोई लक्षण मौजूद देखे जा रहे हैं। इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना संक्रमण, अल्जाइमर जैसे गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकारों के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा सकता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि 60 या उससे अधिक आयु वाले लोगों में कोरोना संक्रमण के बाद अल्जाइमर रोग विकसित होने का जोखिम काफी बढ़ गया है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने ऐसे 62 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों में निदान के बाद एक वर्ष के भीतर डेमेंशिया का जोखिम 50 से 80 फीसदी तक अधिक पाया गया है।
शोधकर्ता कहते हैं, इस जोखिम को देखते हुए 60 से अधिक उम्र के जो लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उन्हें एहतियातन डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।