मोबाइल फोन किस तरह से इंसानों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसपर लंबे समय से चर्चा होती रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोबाइल पर लोगों का अधिक समय बीत रहा है जिससे स्क्रीन टाइम बढ़ता है। बढ़े हुए स्क्रीन टाइम को अध्ययनों में सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में इस बात को लेकर भी चिंता जताई जाती रही है कि मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल और अक्सर कान से लगाकर बात करने से ब्रेन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। क्या वास्तव में मोबाइल फोन मस्तिष्क में कैंसर का जोखिम बढ़ा रहे हैं, इस बारे में हालिया अध्ययन में बड़ा खुलासा हुआ है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के शोधकर्ताओं ने अध्ययनों की व्यापक समीक्षा के आधार पर राहत भरी खबर दी है। विशेषज्ञों ने बताया कि मोबाइल फोन से मस्तिष्क या सिर के कैंसर का खतरा नहीं होता है।
मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल को वैसे तो संपूर्ण सेहत के लिए हानिकारक प्रभावों वाला माना जाता रहा है, हालांकि इस अध्ययन में इससे होने वाले कैंसर के जोखिमों से पर्दा उठ गया है।