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Healthy Body: आप स्वस्थ हैं या नहीं? इन 8 संकेतों से आसानी से लगा सकते हैं पता

Thu, 05 Sep 2024 04:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अच्छी सेहत का कैसे लगाएं पता? - फोटो : istock
दुनियाभर में तेजी से बढ़ती कई तरह की बीमारियों के बीच आपका स्वस्थ रहना किसी वरदान से कम नहीं है। पर आप स्वस्थ हैं या नहीं? क्या इसका कोई परीक्षण है?

बीमारियों की स्थिति में कुछ प्रकार की जांच के माध्यम से समस्याओं का पता चल जाता है। डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों में खून का जांच, पेट की दिक्कतों में अल्ट्रासाउंड को प्रभावी तरीका माना जाता है, पर ये कैसे पता किया जाए कि हम स्वस्थ हैं या नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम ठीक हों या बीमार दोनों ही स्थितियों में शरीर संकेत देता है। इनपर ध्यान देकर जाना जा सकता है कि सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं? आइए ऐसे ही आठ संकेतों के बारे में जानते हैं जो बताते हैं कि आप स्वस्थ हैं।
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पाचन स्वास्थ्य - फोटो : istock
1. ठीक रहता है पाचन

पाचन ठीक रहता है तो इसका मतलब है कि आप काफी हद तक स्वस्थ हैं। खाने के बाद पेट फूलना या गैस की दिक्कत पाचन तंत्र में गड़बड़ी को दर्शाता है। अगर हमारा शरीर भोजन को अच्छी तरह पचाता है, तो इसका मतलब है कि हमारा पाचन तंत्र पोषक तत्वों को कुशलता से अवशोषित कर रहा है। अगर आपको समय पर भूख लगती है और गैस-अपच जैसी दिक्कतें नहीं हैं तो इसे अच्छा संकेत माना जाता है।
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नींद की गुणवत्ता - फोटो : Freepik
2. नींद पूरी होना

शरीर स्वस्थ है या नहीं इसका अंदाजा नींद की गुणवत्ता से भी लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जो लोग स्वस्थ होते हैं उन्हें अच्छी नींद आती है और रात भर की नींद के बाद तरोताजा और आराम महसूस करते हैं। शरीर को अच्छी गुणवत्ता वाली नींद मिल रही है तो ये अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है।

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मल-मूत्र की समस्या - फोटो : istock
3. साफ रंग का पेशाब

अच्छी सेहत का पता लगाने के लिए मल-मूत्र पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है। साफ या हल्के पीले रंग का पेशाब आमतौर पर संकेत देता है कि आप अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहते हैं। ये किडनी ठीक होने का भी संकेत माना जाता है। पेशाब के रंग में अगर गाढ़ापन या बदलाव नजर आता है तो सावधान हो जाना चाहिए।
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कब्ज की समस्या - फोटो : istock
4. आरामदायक मल त्याग

मूत्र की ही तरह मल त्याग पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है। नियमित और आरामदायक मल त्याग बेहतर पाचन का संकेत माना जाता है। दिन में एक-दो बार मल त्याग को सामान्य माना जाता है। मल त्यागने में अगर कोई कठिनाई नहीं होती है और शौच के बाद फ्रेश और पेट खाली महसूस करते हैं तो ये अच्छी सेहत का संकेत है।
 
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कंट्रोल रखें वजन - फोटो : istock
5. नियंत्रित वजन

वजन नियंत्रत रहना कई प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक माना जाता है। शरीर की लंबाई के हिसाब से अगर आपका वजन ठीक है तो ये अच्छी सेहत का संकेत है। कम समय में तेजी से वजन बढ़ गया है या कम हो रहा है तो सावधान हो जाना चाहिए। वजन में असंतुलन कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का कारण बन सकता है।
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मेंटल हेल्थ पर दें ध्यान - फोटो : istock
6. अच्छा मानसिक स्वास्थ्य

शारीरिक स्वास्थ्य की ही तरह से मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर आपका कम में मन लगता है, मन शांत रहता है, चिड़चिड़ापन-घबराहट जैसी दिक्कतें नहीं होती हैं तो ये अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का संकेत है। यहां ध्यान देना जरूरी है कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं। इनमें से किसी एक में भी गड़बड़ी का संपूर्ण शरीर पर नकारात्मक असर हो सकता है।

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घाव भरने में समय - फोटो : istock
7. घाव का जल्दी ठीक होना

शरीर पर घाव या चोट कितनी जल्दी ठीक होता है इसके आधार पर भी सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है। यदि घाव-चोट जल्दी ठीक हो जाते हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक है। डायबिटीज जैसी बीमारियों में इम्युनिटी की कमजोरी के कारण घावों को ठीक होने में लंबा समय लग जाता है। 
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इम्युनिटी सिस्टम कैसे बढ़ाएं - फोटो : istock
8. बार-बार नहीं पड़ते हैं बीमार

स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ शरीर का संकेत माना जाता है। जिन लोगों की इम्युनिटी ठीक रहती है वह कम बीमार होते हैं। ऐसे लोगों में सर्दी या कोई अन्य संक्रामक रोगों का जोखिम भी कम होता है। प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक रहना रोगजनकों से मुकाबले को आसान बनाती है। 


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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