सामान्यत: यह जरूरी नहीं कि कोरोना से पीड़ित दो व्यक्ति में समान लक्षण हों। उनमें देखे गए कोरोना के लक्षण संक्रमण की गंभीरता को निर्धारित कर सकते हैं। कोरोना वायरस के मरीजों में गंभीर संक्रमण 'लॉन्ग कोविड' के खतरे को भी बढ़ा सकता है। इसका मतलब ये है कि जो लोग कोरोना से ठीक हुए हैं, उनमें हफ्तों या फिर महीनों तक लक्षण देखे जा सकते हैं। खासकर कोरोना के उच्च जोखिम वर्ग जैसे, बुजुर्ग, अधिक वजन वाले लोग, अस्थमा के मरीजों में 'लॉन्ग कोविड' का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा वे लोग जिनमें पहले हफ्ते में ही कोविड-19 के पांच से अधिक लक्षण रहे हैं, उन्हें भी इसका सबसे ज्यादा खतरा है। किंग्स कॉलेज लंदन में हुए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है।