कोरोना को खत्म करने के लिए दुनियाभर में टीकाकरण अभियान तो चल ही रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसके अलावा कोरोना मरीजों का एंटीबॉडी उपचार भी चल रहा है, जिसे हल्के संक्रमण वाले मरीजों पर काफी असरदार बताया गया है। अब इसको लेकर एक नया अध्ययन किया गया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचारों का संयोजन हल्के से मध्यम बीमारी से संक्रमित होने पर उच्च जोखिम वाले कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने से बचा सकता है। इस अध्ययन को द लैंसेट के ई-क्लिनिकल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। यह मोनोक्लोनल एंटीबाडी कॉकटेल केसिरिविमैब और इमडेविमैब का मिश्रण है। इसे अमेरिका की एफडीए से आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली हुई है। आपको बता दें कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब कोरोना से संक्रमित हुए थे, तब उनके इलाज में भी दो एंटीबॉडीज के एक कॉकटेल का इस्तेमाल किया गया था।