फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विशेषज्ञ से जानिए: वैक्सीनेशन के बाद क्यों होता है हाथों में दर्द, कैसे पाएं राहत?

Sun, 20 Jun 2021 12:00 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
वैक्सीनेशन के बाद हाथ में दर्द (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically reviewed by-
डॉ डीके गुप्ता
चेयरमैन
फेलिक्स हॉस्पिटल


कोरोना वायरस की दूसरी लहर में दिखी अफरा-तफरी को देखते हुए संभावित तीसरी लहर के लिए तैयार रहना ही उचित है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे में टीकाकरण ही सबसे प्रभावी उपाय है जो तीसरी लहर से सुरक्षा दे सकता है। हालांकि वैक्सीनेशन के कारण होने वाले साइड इफेक्ट और प्रतिक्रियाओं को देखते हुए, लोग अभी इससे घबरा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक टीकाकरण के बाद बुखार, थकान और शरीर में दर्द होना सामान्य है, यह समस्याएं एक से दो दिन में स्वत: ठीक हो जाती हैं। 
बुखार और थकान के अलावा कुछ लोगों को टीकाकरण के बाद वैक्सीन वाली जगह पर या पूरे हाथ में दर्द को अनुभव होता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि इस तरह का दर्द कितना सामान्य है और यह किन कारणों से होता है? साथ ही डॉक्टर से जानेंगे कि इस तरह की दर्द की समस्याओं को किस तरह से दूर किया जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना वैक्सीनेशन - फोटो : iStock
हाथों में दर्द होना सामान्य है
डॉक्टरों की मानें तो वैक्सीनेशन के बाद हाथ में दर्द होना काफी सामान्य है, इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन के कारण होने वाले अन्य साइड इफेक्ट्स की तरह हाथों का दर्द भी एक से दो दिन में ठीक हो जाता है। कई लोगों के मन में यह सवाल है कि एंटीजन के संपर्क में आने के कारण बुखार और कमजोरी होना तो स्वाभाविक है, पर हाथों में दर्द होने के पीछे क्या कारण हो सकता है? आइए इसे समझते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
हाथ में दर्द होने का कारण जान लीजिए - फोटो : iStock
प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया के कारण होता है दर्द
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाथों में होने वाला दर्द भी टीके के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का परिणाम है। वैक्सीनेशन के कारण किसी भी तरह के साइड-इफेक्ट का अनुभव होने का मतलब है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता सक्रिय है। सामान्यतौर पर वैक्सीन में वायरस का निष्क्रिय अंश मिलाया जाता है, शरीर में इसके इंजेक्ट होते ही प्रतिरक्षा प्रणाली इसका जवाब देती है और शरीर को रोगज़नक़ से बचाने की कोशिश करती है। इसके कारण लोगों को तमाम तरह के साइड इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है। 

4 of 5
इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन से होता है कोरोना टीकाकरण - फोटो : PTI
इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन के कारण भी दर्द
डॉक्टरों का कहना है कि हाथों में होने वाले दर्द का एक कारण यह भी हो सकता है कि कोविड के टीके इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन के माध्यम से दिए जाते हैं यानी इन्हें सीधे मांसपेशियों में इंजेक्ट किया जाता हैं। ऐसे में वैक्सीन लगी हुई जगह पर सूजन की समस्या हो जाती है। इसके अलावा मांस में इंजेक्शन लगने के कारण भी दर्द हो सकता है। चूंकि यह स्थिति गंभीर नहीं है और स्वत: ठीक हो जाती है इसलिए इससे बिना घबराए सभी लोगों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वैक्सीन लगवाना सभी के लिए जरूरी - फोटो : pixabay
कैसे दूर करें दर्द?
डॉक्टरों का कहना है कि टीकाकरण के बाद एक या दो दिन तक हाथ में दर्द रहता है, यह चिंता की बात नहीं है। दर्द को कम करने के लिए विशेषज्ञ हाथों को गतिशील रखने की सलाह देते हैं जिससे रक्त का संचार होता रहे। खून का संचार होते रहने से दर्द में आसानी से राहत मिल सकती है। इसके अलावा दर्द को कम करने के लिए कोल्ड कंप्रेस यानी ठंडी सेकाई भी कर सकते हैं। वैक्सीनेशन के कारण बुखार और अन्य साइड इफेक्ट्स को कम करने के लिए पैरासीटामॉल लेने से हाथ का दर्द भी सामान्य तौर पर ठीक हो जाता है।

--------------------
नोट: यह लेख अमर उजाला से बातचीत के दौरान फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ डीके गुप्ता द्वारा बताए सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ डीके गुप्ता को कोरोना रोगियों के इलाज का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें