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Covid-19: कोरोना ही नहीं, मौसम में बदलाव के कारण भी हो सकता है गले में खराश-दर्द, ऐसे करें लक्षणों में अंतर

Tue, 22 Mar 2022 01:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गले में खराश की समस्या क्यों होती है? - फोटो : iStock
भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले ही कम है, पर दुनिया के कई देशों में यह खतरनाक वायरस फिर से पैर फैला रहा है। चीन और कई यूरोपीय देशों में हालात बिगड़ रहे हैं, जिसने अन्य देशों को भी अलर्ट कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देश में कोरोना के मामले भले ही कम हैं, पर वायरस अब भी हमारे बीच मौजूद है ऐसे में जरा सी भी लापरवाही बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकती है। सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए जिससे कोरोना के प्रसार को प्रतिबंधित किया जा सके।

देश में इस समय मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह-शाम हल्की सर्दी और दिन में गर्मी वाले इस मौसम में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। फ्लू और सीजनल फीवर के कई लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते हो सकते हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण गले में खराश, नाक बहने, बुखार जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। चूंकि ये लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इनमें अंतर करना बहुत आवश्यक होता है। गले में खराश होने का मतलब हर बार कोरोना ही नहीं है, यह सीजनल फ्लू का भी संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि आसानी से इनमें फर्क कैसे किया जा सकता है?
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कोरोना संक्रमण के कारण गले में दिक्कत - फोटो : iStock
गले में खराश की समस्या 
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 और सामान्य सर्दी के कुछ लक्षणों में समानता देखी गई है, गले में खराश की समस्या उनमें से एक है। चूंकि इस समय मौसम में बदलाव हो रहा है, साथ ही कोरोना संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है ऐसे में लोगों को इन लक्षणों को लेकर भ्रमित नहीं होना चाहिए। कोविड-19 के कारण या फिर सीजनल फ्लू में गले में होने वाले खराश में कोई खास अंतर नहीं है। इस समय गले में होने वाली खराश के वास्तविक कारणों का निदान किया जाना आवश्यक हो जाता है। 
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जुकाम-बुखार के कारण गले में खराश - फोटो : freepik
मौसम में बदलाव के कारण गले में खराश
मौसम में बदलाव, वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे आदर्श समय होता है, यही कारण है कि इन दिनों में फ्लू जैसे संक्रमण के मामले अधिक हो जाते हैं। कोविड-19 और फ्लू दोनों ही श्वसन संबंधी बीमारियां हैं, लेकिन गंभीरता के आधार पर दोनों अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य सर्दी के कारण होने वाले गले में खराश की समस्या में 1-3 दिनों तक रह सकती है। इसके अलावा फ्लू के कारण बंद नाक, सिरदर्द और हल्के बुखार के लक्षणों का अनुभव भी हो सकता है।

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कोरोना वायरस का गले पर असर - फोटो : pixabay
कोविड-19 के कारण गले से संबंधित समस्याएं
सामान्य सर्दी और फ्लू से इतर कोविड-19, विशेषकर ओमिक्रॉन संक्रमितों में गले में तेज खरोंच और दर्द का अनुभव अधिक देखा जा रहा है। कोविड-19 का इनक्यूबेशन पीरियड 1-14 दिनों तक होता है, यानि कि संक्रमण के बाद इसके लक्षण दिखने में चार दिनों तक का समय लग सकता है। इसके अतिरिक्त कोविड-19 में खांसी, थकान, शरीर में दर्द, जठरांत्र संबंधी लक्षण और गंध-स्वाद न आने की समस्या हो सकती है, जो सामान्य सर्दी जुकाम में नहीं देखी जाती है।
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कोरोना के लक्षणों की समय पर पहचान जरूरी - फोटो : iStock
क्या है विशेषज्ञों की सलाह? 
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह से ओमिक्रॉन जैसे कोरोना के नए वैरिएंट्स के लक्षण देखे जा रहे हैं, ऐसे में सामान्य सर्दी और कोविड-19 में आसानी से अंतर कर पाना थोड़ा कठिन हो सकता है। सही निदान के लिए डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए। सामान्य सर्दी-जुकाम की समस्या 2-3 दिनों में ठीक हो जाती है, वहीं कोविड-19 को ठीक होने में सप्ताह तक का समय लग सकता है। ऐसे में यदि आपमें लक्षण लंबी अवधि तक बने रहते हैं तो इस बारे में किसी डॉक्टर से सलाह लेकर जांच जरूर करा लें। कोविड-19 से बचाव के उपायों का लगातार पालन करते रहें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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