भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले ही कम है, पर दुनिया के कई देशों में यह खतरनाक वायरस फिर से पैर फैला रहा है। चीन और कई यूरोपीय देशों में हालात बिगड़ रहे हैं, जिसने अन्य देशों को भी अलर्ट कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देश में कोरोना के मामले भले ही कम हैं, पर वायरस अब भी हमारे बीच मौजूद है ऐसे में जरा सी भी लापरवाही बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकती है। सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए जिससे कोरोना के प्रसार को प्रतिबंधित किया जा सके।
देश में इस समय मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह-शाम हल्की सर्दी और दिन में गर्मी वाले इस मौसम में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। फ्लू और सीजनल फीवर के कई लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते हो सकते हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण गले में खराश, नाक बहने, बुखार जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। चूंकि ये लक्षण कोविड-19 से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इनमें अंतर करना बहुत आवश्यक होता है। गले में खराश होने का मतलब हर बार कोरोना ही नहीं है, यह सीजनल फ्लू का भी संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि आसानी से इनमें फर्क कैसे किया जा सकता है?