कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में दुनियाभर के देश कई सारे उपाय अपना रहे हैं। इससे बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को शुरुआत से ही मजबूत हथियार बताया जाता रहा है। लॉकडाउन नहीं होने की स्थिति में संक्रमण के मामले और ज्यादा होते। लेकिन लॉकडाउन स्थाई उपाय नहीं है, इसलिए भारत समेत कई देशों में अब पाबंदिया हटाई जा रही हैं। कम होती पाबंदियों के बीच परिवार के सदस्य एक-दूसरे से मिलते हैं तो संक्रमण के मामले कम हो सकते हैं, ऐसा कहना है शोधकर्ताओं का। इस मॉडल को 'सोशल बबल' मॉडल कहा जा रहा है, जो कि पहले न्यूजीलैंड में अपनाया गया और अब ब्रिटेन में भी अपनाया जाएगा। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।