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Gut Health and Energy: 30/30/3 रूल से शरीर और पाचन तंत्र दोनों होगा मजबूत, जानिए क्या हैं इसके नियम

Sat, 18 Apr 2026 03:51 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

30/30/3 नियम मेटाबॉलिज्म, आंत को स्वास्थ रखने और ऊर्जा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके कई सारे स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। क्या आप इसके बारे में जानते हैं?
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अच्छी सेहत के लिए क्या करें? - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में सुधार करना क्यों जरूरी है, इसके बारे में हम सभी अक्सर पढ़ते-सुनते रहते हैं। असल में दिनचर्या और खान-पान की गड़बड़ी को मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही क्रॉनिक बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। यानी बीमारियों से बचे रहना है तो डाइट को ठीक रखना, किस समय पर क्या खाना है इसका ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।

यहीं आपके लिए मदद करता है 30-30-3 रूल, जिसकी मदद से आप डाइट और लाइफस्टाइल में सामान्य से बदलाव करके मेटाबॉलिज्म, वजन और मांसपेशियों की ताकत में विशेष सुधार कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिन की शुरुआत अगर अच्छी हो जाए, तो पूरा दिन आप एनर्जी से भरे हुए रहते हैं। सुबह के खानपान को लेकर अक्सर लोग कई सारी गलतियां करते हैं। हम अक्सर या तो ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं, या फिर बिना सोचे-समझे कुछ भी खा लेते हैं। इसके कारण पाचन और वजन दोनों बिगड़ने लग जाता है। 

क्या हो अगर सिर्फ एक सिंपल रूटीन अपनाकर आप शरीर को स्वस्थ और फिट रख सकें?
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
30-30-3 रूल हो सकता है फायदेमंद

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, 30-30-3 रूल अपनाकर आप संपूर्ण स्वास्थ्य में विशेष सुधार कर सकते हैं। इसमें कोई कठिन डाइट प्लान नहीं, न ही घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत। बस सुबह के पहले कुछ घंटे सही तरीके से मैनेज कर लीजिए।

डायटीशियन पूजा शर्मा कहती हैं, 30-30-3 रूल एक परफेक्ट स्टार्ट फॉर्मूला है, जो न सिर्फ आपके खाने-पीने की आदतों को सुधारता है, बल्कि आपकी पूरी लाइफस्टाइल को ठीक कर सकता है। 

30/30/3 नियम में पहले भोजन में 30 ग्राम प्रोटीन, रोजाना 30 ग्राम फाइबर और रोजाना 3 प्रोबायोटिक-युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना शामिल है। ये आसान सा उपाय आपके मेटाबॉलिज्म, आंतों को स्वस्थ रखने और ऊर्जा के स्तर को ठीक बनाए रखने में मददगार हो सकता है। 
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30 ग्राम प्रोटीन सेहत के लिए बहुत लाभकारी - फोटो : Adobe Stock
30-30-3 रूल में क्या करना होता है?
 
  • पहला 30- सुबह उठने के 30 मिनट के अंदर करीब 30 ग्राम प्रोटीन वाली चीजें खाएं। अंडे, दही, पनीर, दाल या प्रोटीन शेक का सेवन किया जा सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
  • दूसरा 30- चिया सीड्स, फलियां-सब्जियां और बेरीज जैसी फाइबर पेट की सेहत को बढ़ावा देता है, जो पाचन, इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिज्म के लिए बहुत जरूरी है।
  • तीसरा 3: प्रोबायोटिक से भरपूर तीन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से पेट के माइक्रोबायोटा को मदद मिलती है, जिससे मूड बेहतर होता है और सूजन कम होती है।

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मांसपेशियां होती हैं मजबूत - फोटो : Freepik.com
क्या हैं 30-30-3 रूल के फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 30-30-3 रूल को अपनाकर आप कई प्रकार के फायदे पा सकते हैं। एक छोटी सी आदत आपको कई सारे लाभ दे सकता है।
 
  • सुबह प्रोटीन लेने से थर्मोजेनिक इफेक्ट बढ़ता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है।
  • मील के बीच गैप रखने और फाइबर वाली चीजें खाने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और पेट फूलने जैसी समस्याएं कम होती हैं।
  • दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, थकान और सुस्ती कम महसूस होती है।
  • ये रूल ओवरईटिंग को कम करके वजन कंट्रोल में मदद करता है। 
  • खाने में प्रोबायोटिक वाली चीजों को शामिल करना पाचन को ठीक रखने में सबसे बड़ा मददगार माना जाता है।
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वजन कंट्रोल करने में मिलती है मदद - फोटो : Freepik.com
 किन लोगों के लिए फायदेमंद?

30-30-3 रूल को विशेषज्ञ उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद मानते हैं जो वजन कम करना चाहते हैं या फिर पाचन से जुड़ी समस्या झेल रहे हैं।

दिनभर थकान महसूस तो भी ये हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर लाभ पा सकते हैं। अगर आपको कोई गंभीर बीमारी जैसे डायबिटीज या हार्मोनल समस्या है, तो इस रूल को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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