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Isabgol Benefits: पाचन की दिक्कत हो या वेट लॉस, इन सभी में रामबाण है इसबगोल; कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा असर

Fri, 28 Nov 2025 06:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इसबगोल खाने के कई सारे लाभ - फोटो : Adobe Stock
भारतीय चिकित्सा पद्धित में कई प्रकार की बीमारियों का प्रभावी इलाज रहा है। आयुर्वेद में कई ऐसी प्रभावी औषधियां हैं जिसका गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। पेट दर्द, कब्ज जैसी समस्याओं में आपके घर में इसबगोल के इस्तेमाल की चर्चा सुनी होगी।

इसबगोल प्लांटैगो ओवाटा नामक पौधे के बीजों का बाहरी छिलका है। यह प्राकृतिक रूप से घुलनशील फाइबर से भरपूर होता है। इसबगोल पानी को सोख कर जेल जैसा रूप बना लेता है, जिससे यह पाचन तंत्र में आसानी से काम करता है। 

आयुर्वेद में इस औषधि को पाचन सुधारक और आंत्र शुद्धि कारक जैसे नामों से भी जाना जाता है। आधुनिक विज्ञान ने भी इसके फायदों को स्वीकार करता है। मेडिकल साइंस ने पाया है कि पाचन की समस्याओं जैसे कब्ज-अपच की दिक्कत हो या कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर की समस्या इन सभी में  इसबगोल का सेवन आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है।
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इसबगोल खाने से क्या होता है - फोटो : Adobe Stock
बड़े काम का है इसबगोल

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसबगोल प्राकृतिक रूप से घुलनशील फाइबर के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। यही कारण है कि ये कब्ज की दिक्कत में काफी लाभ दे सकता है। इतना ही नहीं कोलेस्ट्रॉल हो या ब्लड शुगर बढ़ने की दिक्कत इनमें भी इसबगोल के सेवन को फायदेमंद पाया गया है।

अगर आप वजन घटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इसमें भी इसबगोल का सेवन करने से विशेष लाभ पाया जा सकता है। इसबगोल पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। यह लो कैलोरी वाला होता है साथ ही फाइबर की अधिकता के कारण वेट लॉस में भी इससे मदद मिलती है।
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पेट की समस्या - फोटो : Adobe stock
पाचन की समस्याओं में रामबाण

इसबगोल पानी के संपर्क में आते ही फूलकर जेल जैसा बन जाता है। यह आंतों में जाकर मल को नरम करता है और मल त्याग आसान बनाता है।

मेडिकल साइंस ने माना है कि इसबगोल आंतों की कार्यक्षमता भी बढ़ाता है, जिससे पाचन तंत्र में भोजन आसानी से आगे बढ़ता है और पेट साफ रहता है। इसके नियमित सेवन से पेट में दर्द और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। 

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कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें? - फोटो : Adobe Stock Images
कोलेस्ट्रॉल घटाने में भी मिलता है लाभ

इसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है। अध्ययनों से पता चलता है कि फाइबर आंत में जाकर बाइल एसिड के साथ बाइंड हो जाता है और उन्हें मल के साथ बाहर निकाल देता है। बाइल एसिड की अधिकता कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाली मानी जाती है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी अपने अध्ययन में पाया कि कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला हाई फाइबर वाली चीजें फायदेमंद हैं। डॉक्टरी सलाह से 6-10 सप्ताह में इसका सेवन कोलेस्ट्रॉल को 5-15% तक घट सकता है। 
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डायबिटीज को कंट्रोल में रखना जरूरी - फोटो : Freepik.com
शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद

इसबगोल में मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट्स के पाचन की गति धीमी कर देता है, जिससे खाने के बाद अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ता। टाइप-2 डायबिटीज मरीजों पर हुए अध्ययनों ने पाया कि आहार में फाइबर की अधिकता शुगर को 20–30% तक कम कर सकता है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता भी बढ़ाता है, यानी शरीर इंसुलिन को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है। सुबह नाश्ते से 30 मिनट पहले या खाने के साथ 1 चम्मच इसबगोल बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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