वायु प्रदूषण के कारण बिगड़ती सेहत
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सर्वे में क्या पता चला?
प्रदूषण के कारण लोगों के सामान्य जन-जीवन पर भी नकारात्मक असर देखा जा रहा है। सर्वे की रिपोर्ट कहती है कि दूषित होती हवा के कारण सर्वे में शामिल करीब 76.4 प्रतिशत लोगों ने बाहर समय बिताना काफी कम कर दिया है, जहरीली धुंध से बचने के लिए लोग घरों-ऑफिस के भीतर ज्यादा समय बिता रहे हैं।
दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 4,000 निवासियों पर किए गए इस सर्वे की रिपोर्ट में यह भी पता चला कि 79.8% लोग या तो दूसरी जगह जाने के बारे में सोच रहे हैं या पहले ही जा चुके है। 15 प्रतिशत लोग दिल्ली से बाहर जाकर बस चुके हैं।
सर्वे करने वाली संस्था स्माइटनपल्सएआई के को-फाउंडर स्वागत सारंगी ने कहा, अध्ययन से पता चलता है कि लंबे समय तक खराब गुणवत्ता वाली हवा में रहने के कारण स्वास्थ्य तो गड़बड़ हो ही रहा है। इसके अलावा इस स्थिति ने स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को भी बढ़ा दिया है। स्वागत सारंगी कहते हैं, यह अब सिर्फ पर्यावरणीय चिंता की बात नहीं है, बल्कि लाइफस्टाइल और जीवन की गुणवत्ता पर भी इसका नकारात्मक असर हो रहा है।