भारत सहित दुनिया के कई देशों में इस समय कोरोना के साथ मंकीपॉक्स संक्रमण का प्रकोप जारी है। दुनियाभर में अब तक इसके 20 हजार से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां अब तक चार लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, इसमें से शनिवार को एक युवक की मौत भी हो गई है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते इस संक्रमण के जोखिम को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स के प्रकोप को 'वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर दिया है।
गौरतलब है कि कई देशों के लिए मंकीपॉक्स संक्रमण नया है, ऐसे में इससे संबंधित सही जानकारियों का अभाव देखा जा रहा है, ऐसी स्थिति में कई तरह की गलत और भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी बीमारी से तभी बचाव किया जा सकता है, जब उसके बारे में लोगों को सही जानकारी हो। मंकीपॉक्स को लेकर जिस तरह से सोशल मीडिया पर अफवाह और गलत जानकारियां तेजी से फैल रही हैं, इसको लेकर लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। गलत जानकारियों की स्थिति में बीमारी को नियंत्रित कर पाना कठिन हो सकता है। आइए जानते हैं कि मंकीपॉक्स संक्रमण की क्या सच्चाई है और किस तरह की अफवाहों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए?