पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज, हृदय रोग और कई तरह के मानसिक विकारों के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए हैं। आहार में गड़बड़ी के साथ नींद में कमी या नींद के पैटर्न में बदलाव को इसके लिए प्रमुख कारणों के तौर पर देखा जा रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती है या फिर जिनका सोने-जागने का चक्र गड़बड़ रहता है ऐसे लोगों में समय के साथ कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सोने-जागने के समय में गड़बड़ी वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में क्रोनिक बीमारियों का जोखिम भी अधिक पाया गया है।
शोधकर्ता कहते हैं, यदि आपके सोने का समय सही नहीं है जैसे कि या तो आपकी नींद नहीं पूरी हो पा रही है या आप बहुत अधिक सोते हैं, हफ्ते भर की नींद को वीकेंड पर पूरी करने को कोशिश करते हैं तो ऐसी आदतें समय के साथ आपमें गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देती हैं। अनियमित नींद का पैटर्न मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करता है जिसके कारण कई तरह की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का जोखिम हो सकता है।