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Influenza-A: तेज बुखार और बदन दर्द ने कर दिया है परेशान? कहीं ये इंफ्लूएंजा-ए का संक्रमण तो नहीं

Mon, 20 Jul 2026 10:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंफ्लूएंजा-ए और सामान्य सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षण कई बार एक जैसे लगते हैं। यही कारण है कि सही समय पर बीमारी की पहचान और उचित इलाज बेहद जरूरी है।
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बुखार, सर्दी-खांसी की दिक्कत - फोटो : Adobe Stock
मौसम बदलते ही क्या आप भी तेज बुखार, शरीर में दर्द, गले में खराश और खांसी से परेशान हो जाते हैं? इसे सामान्य वायरल संक्रमण या सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देना हर बार ठीक नहीं है। कई बार इन लक्षणों के पीछे इंफ्लूएंजा-ए वायरस भी हो सकता है। यह वायरस हर साल मौसमी फ्लू के बड़े प्रकोप का कारण बनता है और समय-समय पर म्यूटेशन के साथ नए वैरिएंट्स लाकर गंभीर चुनौती भी बनता रहा है।

इंफ्लूएंजा-ए एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बातचीत के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता है। भीड़भाड़ वाली जगहों, स्कूलों, दफ्तरों और सार्वजनिक परिवहन में इसका संक्रमण तेजी से फैल सकता है। 

अधिकांश स्वस्थ लोगों में यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में यह निमोनिया, सांस लेने में तकलीफ और अस्पताल में भर्ती होने जैसी गंभीर स्थितियां पैदा कर सकता है। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हो गए हैं?
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छोटे बच्चों को बुखार होना - फोटो : Adobe Stock
सर्दी-जुकाम की समस्या

विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्लूएंजा-ए और सामान्य सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षण कई बार एक जैसे लगते हैं। यही कारण है कि सही समय पर बीमारी की पहचान और उचित इलाज बेहद जरूरी है। 
 
  • यह वायरस लगातार अपने स्वरूप में बदलाव करता रहता है, इसलिए हर साल इसके नए स्ट्रेन सामने आ सकते हैं।
  • यही वजह है कि फ्लू वैक्सीन को भी समय-समय पर अपडेट किया जाता है।
  • खांसी-बुखार होने पर कई लोग बिना जांच के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं, जबकि वायरल संक्रमण में इन दवाओं को असर नहीं होता और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी दूसरी बड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।


इंफ्लूएंजा ए वायरस का खतरा

इंफ्लूएंजा ए वायरस श्वसन तंत्र  को संक्रमित करता है। यह मौसमी फ्लू का सबसे सामान्य और सबसे अधिक फैलने वाला प्रकार माना जाता है।
  • यह समय-समय पर अपने जीन में बदलाव करता रहता है, जिसके कारण नए स्ट्रेन पैदा हो सकते हैं।
  • H1N1 और H3N2 इसी वायरस के प्रमुख उपप्रकार हैं। 
  • संक्रमण होने के बाद वायरस आमतौर पर 1 से 4 दिनों के भीतर लक्षण पैदा कर सकता है। यह सामान्य सर्दी से अधिक गंभीर हो सकता है और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में जटिलताओं का कारण बन सकता है।
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इंफ्लूएंजा-ए का संक्रमण - फोटो : Freepik.com
कैसे फैलता है ये संक्रमण?

इंफ्लूएंजा-ए वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है। 
 
  • संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण हो सकता है।
  • बंद कमरों, भीड़भाड़ वाली जगहों, स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन में इसका खतरा बढ़ जाता है। 

पांच साल से छोटे बच्चे, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाएं और क्रॉनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज-हृदय रोग और अस्थमा के शिकार मरीजों में इसका खतरा अधिक होता है।
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संक्रमण से बचाव के तरीके - फोटो : Adobe Stock
कैसे करें इससे बचाव?

इंफ्लूएंजा-ए से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, भीड़भाड़ में मास्क पहनना और बीमार लोगों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। मौसमी फ्लू वैक्सीन भी जोखिम वाले लोगों के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
 
  • अधिकांश मरीजों में आराम, खूब पानी पीने, पौष्टिक भोजन और बुखार कम करने वाली दवाओं से सुधार हो जाता है।
  • यदि आप उच्च जोखिम वाले समूह में हैं या संक्रमण गंभीर है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • यदि तेज बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो और ऑक्सीजन का स्तर कम हो तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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