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ऑक्सीजन सिलेंडरों का गलत तरीके से प्रयोग हो सकता है घातक, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Fri, 30 Apr 2021 06:04 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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ऑक्सीजन उपकरणों की सही उचित ढंग से करें प्रयोग - फोटो : iStock
डॉ शिवालक्ष्मी
एम्स


देश में कोरोना के मामले दिन-प्रतिदिन गंभीर होते जा रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर में रोगियों में फेफड़ों के संक्रमण और ऑक्सीजन की कमी के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। देशभर के अस्पतालों में बेडों और संसाधनों की व्यापक कमी के बीच गंभीर स्थिति में लोगों को घर पर ही ऑक्सीजन लगाना पड़ रहा है। लेकिन क्या आप ऑक्सीजन सिलेंडरों के सही तरीके से प्रयोग और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जानते हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि किसी व्यक्ति को ऑक्सीजन थेरेपी देते समय आपको दोगुना सावधान रहने की जरूरत होती है साथ ही इससे जुड़े जोखिमों और खतरों के बारे में भी आपको पता होना चाहिए।
आइए इस लेख में जानते हैं कि घर पर मेडिकल ऑक्सीजन के इस्तेमाल के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
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ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलेंडरों की सबको नहीं होती जरूरत - फोटो : iStock
कब होती है मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत?
एम्स की डॉ शिवालक्ष्मी बताती हैं कि शरीर में यदि ब्लड ऑक्सीजन का स्तर 94-99 के बीच है तो इसे बेहतर माना जाता है। वहीं जब रोगी के ऑक्सीजन का स्तर (SpO2) 93 से कम हो जाए तो उसे मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत होती है। डॉ शिवालक्ष्मी कहती हैं कि देखने को मिल रहा है कि लोग सुरक्षा की दृष्टि से संसाधनों की अंधाधुंध जमाखोरी कर रहे हैं जोकि सही नहीं है।
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उपकरणों के इस्तेमाल के बारे में विशषज्ञों से लें सलाह - फोटो : iStock
आपके पास ऑक्सीजन सिलेंडर है इसका मतलब यह नहीं है कि आप सुरक्षित हैं, इन उपकरणों के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञों से सलाह लेना जरूरी होता है। जिन लोगों का सेचुरेशन कम हो रहा होता है उनमें से कुछ को कम मात्रा में जबकि कुछ को पूरे दिन ऑक्सीजन की जरूरत हो सकती है। इसे जानने के लिए आपको किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।

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ऑक्सीजन के स्तर की जांच करते रहें - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया कहते हैं कि मरीजों को मेडिकल ऑक्सीजन का उपयोग करने से पहले कुछ सावधानियों को ध्यान में रखना जरूरी होता है। जिन लोगों के ऑक्सीजन का स्तर 92 या 94 है, उन्हें सेचुरेशन को बढ़ाने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन लेने की आवश्यकता नहीं है। यदि ऑक्सीजन का स्तर 94 या उससे थोड़ा कम है, तो आपको अपनी स्थिति पर निगरानी रखने की जरूरत है लेकिन आपको अभी भी ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है। लोगों के मन में बैठ गया है कि ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम मतलब ऑक्सीजन की जरूरत, जबकि इसके भी कई पहलू हैं।
 
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ऑक्सीजन मास्क का सही का सही तरीके से लगा होना जरूरी - फोटो : istock
ऑक्सीजन मास्क और नेजल कैनुअल के उपयोग का तरीका
डॉक्टर कहते हैं कि बहुत सारे लोग ऑक्सीजन मास्क और नेजल कैनुअल को भी सही तरीके से नहीं लगा पाते है, इसके अलावा घबराहट के कारण और भी समस्या पैदा हो सकती है। जिस तरह से आप फेस मास्क का उपयोग कर रहे हैं, इसमें भी यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ऑक्सीजन मास्क ठीक से फिट हो और इसमें कोई रिसाव या आसपास कोई गैप न हो। कई लोग पहले से ही इस्तेमाल उपकरणों को प्रयोग में ला रहे हैं ऐसे में इसके हर बार इस्तेमाल से पहले मास्क और कैनुअल को अच्छी तरह से सेनेटाइज कर लें। जिस कमरे में रोगी को ऑक्सीजन दे रहे हैं उसमें पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। 
 
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रोगी की स्थिति पर नजर बनाए रहें - फोटो : iStock
कब अस्पताल जाना जरूरी हो जाता है
विशेषज्ञों के मुताबिक घर पर ऑक्सीजन थेरेपी देने के साथ आपको रोगी की स्थिति पर भी नजर बनाकर रखना जरूरी है। चूंकि कोविड जैसी बीमारी में हालत तेजी से खराब हो सकती है, ऐसे में समय पर समस्याओं का निदान बेहद जरूरी है। यदि रोगी में ऐसे लक्षण दिखें तो उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।
  • होंठ, चेहरा या जीभ का काला पड़ जाना।
  • रोगी का ज्यादा देर तर बेहोश रहना और न जागना।
  • ऑक्सीजन के उपयोग के बावजूद बेचैनी का अनुभव होना।
  • रोगी के लक्षणों का गंभीर होते जाना।

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नोट: यह लेख एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के सुझावों और एम्स की डॉ शिवालक्ष्मी से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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