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विशेषज्ञों की सलाह: कोरोना के खतरे से रहना है सुरक्षित तो इन तीन बातों को गांठ बांध लें

Mon, 20 Sep 2021 12:57 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना से बचाव के उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
पिछले कुछ महीनों की तुलना में कोरोना संक्रमण के मामलों में फिलहाल कमी आई है, इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि देश में मौजूदा हालात पहले की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है।जिस तरह से कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण की रफ्तार को तेज कर दिया गया है, यह इस महामारी के खिलाफ जंग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खतरा अब भी टला नहीं है। कोरोना का डेल्टा वैरिएंट दुनिया के तमाम देशों के लिए अब भी बड़ी मुसीबत का कारण बना हुआ है। इस समय यह समझना आवश्यक है कि वायरस के खिलाफ युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और लोगों को कोविड से बचाव के नियमों के पालन में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। 
हालिया मीडिया रिपोर्टस में अमेरिका स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरस एक्सपर्ट और डीन डॉ आशीष झा कहते हैं, कोरोना खत्म हो गया है, ऐसा सोचना भी हमारे लिए फिलहाल खतरनाक हो सकता है। कोरोना के मामले जरूर कम हो रहे हैं लेकिन वायरस खत्म नहीं हुआ है। इससे बचाव के लिए लोगों को इन तीन बातों को गांठ बाध लेना चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में जानते हैं। 
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कोरोना अब भी बना हुआ है खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
केस कम हुए हैं, वायरस नहीं
अमर उजाला से बातचीत में इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगर कहते हैं, देश में कोरोना के मामले भले ही कम आ रहे हैं, लेकिन संक्रमण अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थल भले ही खुल गए हैं लेकिन हमें सुरक्षा के सभी नियमों का वैसे ही पालन करते रहना है जैसे कि अब तक करते आ रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार हमारे पास प्लस प्वाइंड यह है कि देश में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है, इसे वायरस की शक्ति निश्चित की कमजोर होगी। हालांकि सभी लोगों को इन तीन बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। 
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टीकाकरण सभी लोगों के लिए आवश्यक - फोटो : पीटीआई
टीकाकरण ही है सबसे मजबूत हथियार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोरोना से मुकाबले के लिए सबसे पहले हथियार के रूप में टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही टीकाकरण की प्रभावशीलता और इससे बनने वाली एंटीबॉडीज के समय को लेकर कई तरह की भ्रामक खबरें सामने आ रही हैं, पर हमें हमेशा यह ध्यान रखना होगा कि इस महामारी से मुकाबले के लिए फिलहाल हमारे पास सबसे जोरदार हथियार वैक्सीनेशन ही है। संक्रमण के जोखिम को कम करने और लंबे समय तक कोविड के खतरे से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक जल्द से जल्द ले लेनी चाहिए। टीकाकरण का कोई विकल्प नहीं है। 

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कोविड से बचाव के उपाय जरूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
बचाव में न बरतें कोई लापरवाही
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि महामारी खत्म नहीं हुई है ऐसे में इस समय किसी भी तरह की लापरवाही बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। संक्रमण के प्रकोप से बचे रहने के लिए चार चीजें का हमेशा ध्यान रखना होगा- कोविड का परीक्षण, मास्क पहनना, बेहतर इनडोर वेंटिलेशन और टीकाकरण। ये सभी उपाय करना इस समय और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि डेल्टा जैसे कई संक्रामक वायरस का खतरा लगातार बना हुआ है।
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नए वैरिएंट्स ने बढ़ा दी है चिंता - फोटो : iStock
कोरोना के नए वैरिएंट्स से रहें सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाल के दिनों में कोरोना के कई नए वैरिएंट्स के मामले सामने आए है, जिन्हें अपेक्षाकृत ज्यादा संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है। डेल्टा, म्यू और लैम्बडा जैसे वैरिएंट्स तो आसानी से शरीर में बनी एंटीबॉडीज को चकमा देने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में इनसे सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को पहले बताए गए दोनों तरीकों- टीकाकरण और  बचाव के उपायों में कोई भी कमी नहीं करनी चाहिए। अगर इन बातों का सख्ती से पालन किया जाए तो कोरोना महामारी पर जीत अब ज्यादा दूर नहीं है।


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपायों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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