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विशेषज्ञों ने चेताया: बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच बरतें विशेष सावधानी, ये तीन लक्षण कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के हैं संकेत

Fri, 29 Apr 2022 07:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण का बढ़ता जोखिम - फोटो : iStock
देश में तेजी से बढ़ता कोरोना का संक्रमण एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। तीसरी लहर के बाद जहां एक समय ऐसा लगने लगा था कि अब कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी, इसी बीच ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण लोगों की मुश्किलें दोबारा बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से अध्ययनों में नए वैरिएंट्स की संक्रामता दर अधिक देखी जा रही है, वह निश्चित ही डराने वाली है। इससे बचाव के लिए हम सभी को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का लगातार पालन करते रहने के साथ इम्युनिटी को मजबूत करने वाले उपायों को लेकर भी प्रयास करते रहने होंगे।

शोध बताते हैं कि जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत है, उनमें ओमिक्रॉन के संक्रमण का जोखिम कम होता है। मजबूत इम्युनिटी सिर्फ कोरोना ही नहीं, कई प्रकार के अन्य वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों के जोखिम से भी आपको सुरक्षित रखने में मदद करती हैं। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही लोगों ने प्रतिरक्षा प्रणाली को करने के प्रयास किए हैं। आइए जानते हैं कि किन लक्षणों के आधार पर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपकी इम्युनिटी पावर, कोविड संक्रमण से बचाव और मुकाबले के लिए कम है? ऐसी स्थितियों में तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता होती है। 
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कमजोर इम्युनिटी के कारण कोरोना का खतरा - फोटो : Pixabay
कमजोर इम्युनिटी और कोविड-19 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, आपमें कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है। जब वायरस श्वसन मार्ग से शरीर में प्रवेश करता है तब  प्रतिरक्षा प्रणाली इससे मुकाबला करके वहीं निष्क्रिय कर देती है। वहीं जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें संक्रमण बढ़ जाता है और गंभीर रूप लेने का खतरा हो सकता है।

हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी स्थितियों में स्वाभाविक तौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, यही कारण है कि ऐसे लोगों में संक्रमण होने और इसकी गंभीरता का खतरा अधिक होता है। आइए जानते हैं कि किन लक्षणों के आधार पर इम्युनिटी पावर की कमजोरी का अंदाजा लगाया जा सकता है?
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सर्दी जुकाम की समस्या - फोटो : Pixabay
बार-बार सर्दी जुकाम होना

वयस्कों के लिए साल में 2-3 बार सामान्य सर्दी-जुकाम होना सामान्य है, हालांकि अगर मौसम बदलते ही आपको छींक आना या बुखार शुरू हो जाता है तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। यह आपकी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का संकेत हो सकती है। जिन लोगों की इम्युनिटी पावर कमजोर होती है, उनमें अन्य लोगों के मुकाबले मौसमी बुखार और संक्रमण का खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाले उपायों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। 

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घाव न भरने की समस्या - फोटो : iStock
घावों का जल्दी न भरना

त्वचा में होने वाले कट या घावों को ठीक होने में अगर ज्यादा समय लग रहा है तो इसे भी इम्युनिटी पावर की कमजोरी का एक संकेत माना जाता है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बीमारी से बचाने के साथ घावों को तेजी से भरने के लिए भी आवश्यक है। मधुमेह के शिकार लोगों में इसी वजह से घावों को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है। ऐसे लोगों में भी कोविड-19 और अन्य तरह के संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। 
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कमजोर इम्युनिटी के संकेत - फोटो : iStock
ऊर्जा में कमी या अक्सर कमजोरी महसूस होना
 
प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी की स्थिति में आपमें अक्सर थकान और कमजोरी की समस्या बनी रह सकती है। जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें किसी प्रकार के रोग की स्थिति में शरीर को मुकाबले के लिए अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, यही कारण है कि आपमें कमजोरी की दिक्कत बनी रह सकती है। नींद पूरी होने के बावजूद अगर आप अक्सर थका हुआ महसूस करते रहते हैं, तो इसे इम्युनिटी की कमजोरी का संकेत माना जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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