Medically Reviewed by-
डा. अल्तमश शेख
(एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डायबेटोलॉजिस्ट)
मुंबई
अनुभव: 11 वर्ष
मौजूदा समय में खराब जीवनशैली के कारण कम उम्र में ही लोगों को तमाम तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। डायबिटीज यानी मधुमेह ऐसी ही एक बीमारी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो देश की बड़ी आबादी इस गंभीर रोग की चपेट में है। डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए लोग तमाम तरह के उपायों को प्रयोग में लाते हैं। वहीं जिन लोगों में डायबिटीज का स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है उन्हें इंसुलिन लेने की सलाह दी जाती है।
भारत को दुनियाभर में 'डायबिटीज कैपिटल' के रूप में जाना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक यहां 50 मिलियन (5 करोड़) से ज्यादा लोग मधुमेह से ग्रसित हैं। यह वास्तव में देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। मधुमेह को उस गंभीर बीमारी के रूप में जाना जाता है, जो शरीर को अंदर ही अंदर खोखला बनाती जाती है। तमाम चिकित्सा पद्धतियों में मधुमेह के इलाज की विधि और दवाइयां उपलब्ध हैं, पर आज हम जीवनशैली में सुधार पर आधारित ऐसे कुछ नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान रखकर न सिर्फ डायबिटीज को कम किया जा सकता है, साथ ही जिन लोगों को मधुमेह की समस्या नहीं है, वह ता-उम्र इससे सुरक्षित भी रह सकते हैं।