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World Heart Day 2021: अगर समय रहते नहीं बदल ली यह आदतें, तो कम उम्र में ही हो जाएंगे हृदय रोगों के शिकार

Wed, 29 Sep 2021 12:06 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Pixabay
Medically reviewed by-
डॉ नीरज कुमार सिंह
हृदय रोग विशेषज्ञ
उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स 


मौजूदी समय में हृदय रोग दुनियाभर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक हृदय रोग (सीवीडी) विश्व स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। साल 2019 में सीवीडी के कारण अनुमानित 17.9 मिलियन (1.79 करोड़) से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह आंकड़ा दुनियाभर में हुई कुल मौतों का 32 फीसदी है। इनमें से 85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों की खराब जीवनशैली और खान-पान में गड़बड़ी इस गंभीर रोग के खतरे को तेजी से बढ़ाती जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक अगर हृदय रोग के खतरों को कम करने के प्रयास नहीं किए गए तो साल 2030 तक हर तीन में से एक व्यक्ति में हृदय रोग का खतरा हो सकता है। हृदय रोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार लोगों में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और फास्ट फूड का ज्यादा सेवन हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा रहा है। इस बारे में कम उम्र से ही लोगों को विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि जीवनशैली की किन आदतों में बदलाव करके हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सकता है?
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हृदय रोगों के कारक - फोटो : Pixabay
शारीरिक निष्क्रियता है सबसे खतरनाक
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज के मुताबिक हृदय रोगों के बढ़ते खतरे के मुख्य कारकों में शारीरिक निष्क्रियता सबसे प्रमुख है। एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने और व्यायाम की कमी के कारण लोगों में हृदय रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है। असल में ऐसी स्थितियां मोटापे की समस्या को बढ़ा देती हैं, जिसे हृदय रोगों के लिए सबसे खतरनाक कारक माना जाता है। ऐसे में इस समस्या से सुरक्षित रहने के लिए शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने पर ध्यान दें। 
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पौष्टिक आहार का करें सेवन - फोटो : iStock
खान-पान पर रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह से लोगों के भोजन में संतृप्त वसा और सोडियम की मात्रा बढ़ती जा रही है, यह हृदय रोगों के लिए काफी खतरनाक हो सकती है। आहार में ताजे फल, सब्जियों और साबुत अनाज का मात्रा बढ़ाएं। डैश डाइट, हृदय रोग के खतरे को काफी कम करने में सहायक हो सकती है। इस डाइट का सेवन रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपकी मदद कर सकता है, इन दोनों का बढ़ा हुआ स्तर हृदय रोग के जोखिम को भी बढ़ा देता है।

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धूम्रपान के नुकसान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
शराब-धूम्रपान से बना लें दूरी
हृदय रोग के खतरे को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को शराब-धूम्रपान न करने की सलाह देते हैं। बहुत अधिक शराब पीने से रक्तचाप बढ़ सकता है, जोकि हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा देता है। इसके अलावा सिगरेट पीने से भी रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इन दोनों से तुरंत दूरी बना लें।
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हृदय रोगों से बचाव आवश्यक - फोटो : Pixabay
हृदय रोग से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए सभी लोगों को इन बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
  • बहुत अधिक तनाव लेने वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में तनाव कम करने वाले उपायों का पालन करें। 
  • मधुमेह को नियंत्रित रखने का प्रयास करें।
  • वजन बढ़ने से रोकने के उपायों को प्रयोग में लाते रहें।
  • सभी लोगों के लिए पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है। नींद पूरी न कर पाने वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। 

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नोट:
यह लेख डॉ नीरज कुमार सिंह (उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स) के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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