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Eye Flu: कंजंक्टिवाइटिस से बचाव को लेकर डॉक्टर ने बताए उपाय, सुरक्षित रहना है तो जरूर करें ये काम

Thu, 03 Aug 2023 02:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आंखों में संक्रमण के जोखिम कारक - फोटो : iStock
राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में पिछले 15 दिनों में आई फ्लू संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। अत्यधिक संक्रामक मानी जानी वाली यह बीमारी वायरस/बैक्टीरियल संक्रमण के अलावा एलर्जी के कारण भी हो सकती है। आई फ्लू को कंजंक्टिवाइटिस के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें रोगी को आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, चिपचिपापन भी हो सकती है। आमतौर पर इस संक्रमण को अधिक गंभीर नहीं माना जाता है और ये एक या दो सप्ताह में स्वयं ही ठीक हो जाता है। यह संक्रमण आपकी आंखों में गंभीर क्षति तो नहीं पहुंचाता है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इससे बचाव करते रहने को लेकर सलाह देते हैं।

डॉक्टर बताते हैं, कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैलता है, इसके वायरस लंबे समय तक सतहों पर रह सकते है। संक्रमित सतह जैसे दरवाजे की कुंडी, बेडशीट, दरवाजे, तौलिया, रूमाल आदि के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।

सभी लोगों को इस संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
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आई फ्लू की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock
संक्रमण से करें बचाव

डॉक्टर कहते हैं, आजकल बढ़ रहा कंजंक्टिवाइटिस अत्यधिक संक्रामक हो सकता है और इससे बचने के लिए सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करना जरूरी है। सार्वजनिक परिवहन से सफर करने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा और अधिक हो सकता है, इसलिए बस-मेट्रो से आने-जाने वाले सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतें

इसके अलावा लाइफस्टाइल की कुछ और भी बातों को ध्यान में रखकर इस रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।
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आंखों में संक्रमण की स्थिति - फोटो : istock
आई फ्लू से बचाव कैसे करें?

डॉक्टर बताते हैं कुछ सामान्य सी बातों को ध्यान में रखकर आई फ्लू की समस्या के जोखिमों को कम किया जा सकता है।
  • स्वच्छता का ध्यान रखें: अपने हाथ बार-बार धोएं। तौलिये या सौंदर्य प्रसाधन जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा न करें।
  • आंखों को रगड़ें नहीं: आंखों को छूने या रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे आंखों में कीटाणु पहुंच सकते हैं।
  • सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करें: यह आपको बाहरी संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायक होगा।
  • संक्रमित व्यक्तियों से दूर रहें: यदि आपके आस-पास किसी को आई फ्लू है, तो संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

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हाथों की स्वच्छता जरूरी - फोटो : iStock
आई फ्लू हो जाए तो क्या करें?

अगर आपको आई फ्लू हो गया है तो कुछ उपाय आपके जोखिमों को कम करने में मददगार हो सकते हैं।
  • अपने हाथ बार-बार धोएं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए साफ तौलिए, वॉशक्लॉथ का इस्तेमाल करें।
  • अपनी आंखों पर साफ, ठंडी सेक लगाएं, इससे आई फ्लू के कारण होने वाली असुविधा को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • आंखों की सफाई का ध्यान रखें। बेहतर रहेगा आप टिश्यू का इस्तेमाल करें और फिर उसे फेंक दें।
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आई फ्लू की समस्या और इसके जोखिम - फोटो : iStock
क्या है डॉक्टर की सलाह?

डॉक्टर कहते हैं, आई फ्लू के अधिकतर मामले सामान्य उपायों के साथ ठीक किए जा सकते हैं। यदि आपको बहुत ज्यादा दर्द, जलन या असहजता की शिकायत हो तो किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। बिना किसी डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग न करें। कई और भी बीमारियों में कंजंक्टिवाइटिस की तरह ही लक्षण हो सकते हैं, इसलिए समस्या का सही निदान और डॉक्टरी सलाह पर ही किसी दवा का प्रयोग किया जाना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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