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Health Tips: ब्लड प्रेशर की बिल्कुल सही रीडिंग चाहते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान, डॉक्टर ने दिए जरूरी टिप्स

Sun, 13 Apr 2025 07:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है ऐसे लोगों में हृदय से संबंधित समस्या जैसे हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर होने का खतरा रहता है। हाई ब्लड प्रेशर आपकी किडनी, तंत्रिकाओं के लिए भी दिक्कत बढ़ाने वाली हो सकती है।
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ब्लड प्रेशर की जांच - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी ने कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा दिया है। कम उम्र में ही हृदय रोग, डायबिटीज सहित कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। हाई ब्लड प्रेशर भी एक ऐसी ही दिक्कत है जिसका सभी उम्र के लोग शिकार देखे जा रहे हैं, इसे बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों के लिए भी प्रमुख कारण माना जाता रहा है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। इसके लिए खान-पान में सुधार, सोडियम का सेवन कम करना और नियमित व्यायाम जरूरी है। इसके अलावा यदि आपके माता-पिता में से किसी को पहले से ब्लड प्रेशर की दिक्कत रही है तो आपको भी नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करते रहना और इसकी रीडिंग पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
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ब्लड प्रेशर की नियमित रूप से करते रहें जांच - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण हो सकती हैं कई दिक्कतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है ऐसे लोगों में हृदय से संबंधित समस्याओं जैसे हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर होने का खतरा अधिक रहता है। हाई ब्लड प्रेशर आपकी किडनी, तंत्रिकाओं के लिए भी दिक्कत बढ़ाने वाली हो सकती है। यही कारण है कि इसे कंट्रोल में रखने के उपाय करते रहना जरूरी है।

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच से दिल, किडनी और आंखों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।


(ये भी पढ़िए- घर बैठे ये टेस्ट करके पता चल जाएगा आप हेल्दी हैं या नहीं, बस 10 मिनट का है काम)
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ब्लड प्रेशर टेस्ट - फोटो : Freepik.com
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

गुरुग्राम स्थित न्यूरोलॉजिस्ट डॉ प्रियंका सेहरावत कहती हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए कम उम्र से ही ध्यान देना जरूरी है। 20 से कम उम्र के लोगों में भी ये समस्या देखी जा रही है। जिनकी ब्लड प्रेशर की फैमिली हिस्ट्री रही है उन्हें घर पर ही रीडिंग मशीन रखना चाहिए और नियमित अंतराल पर इसकी जांच करते रहना चाहिए। हालांकि ब्लड प्रेशर की जांच के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है, ताकि रीडिंग सही आए
  • कभी भी खाने के तुरंत बाद या फिर एक्सरसाइज के बाद ब्लड प्रेशर टेस्ट न करें।
  • ब्लड प्रेशर चेक करने से पहले 5 मिनट आराम करें ताकि शरीर में खून का संचार सामान्य हो जाए।

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रक्तचाप नियंत्रण में रखें - फोटो : Freepik.com
  • ब्लड प्रेशर चेक करने से पहले ब्लैडर खाली करें। यूरिन पास करने के बाद ब्लड प्रेशर टेस्ट करें
  • ब्लैडर भरा रहने से कई बार ब्लड प्रेशर हाई या गलत रीडिंग आ सकती है।
  • ब्लड प्रेशर चेक करने के 30 मिनट पहले किसी भी तरह के कैफीन, धूम्रपान का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे भी रीडिंग गलत आ सकती है।
  • ब्लड प्रेशर चेक करते समय पीठ और हाथों को कोई सपोर्ट दें। 
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ब्लड प्रेशर की सही रीडिंग कैसे करें? - फोटो : istock
इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
  • ब्लड प्रेशर रीडिंग के लिए हाथों में जो बैंड या कफ बांध रखा है उसे न तो बहुत ढीला रखें न ही बहुत टाइट। बैड के नीचे दो उंगलियां चली जाएं इतनी जगह होनी चाहिए।
  • बाएं हाथ की रीडिंग को सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इसकी धमनियां हार्ट के सबसे नजदीक होती हैं।
  • अगर घर पर ब्लड प्रेशर की रीडिंग ले रहे हैं दोनों हाथों में बारी-बारी बैंड लगाकर टेस्ट करें। अगर रीडिंग में 10mmhg तक का अंतर आ रहा है ये सामान्य है।
  • ब्लड प्रेशर टेस्ट करने का सबसे अच्छा समय सबुह 8 और शाम को आठ बजे है। कोशिश करें कि रोज एक ही समय पर रीडिंग लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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