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बचाव: कैसे जानें आपको कोरोनावायरस का संक्रमण है या नोरोवायरस का? ऐसे कर सकते हैं अंतर

Sat, 24 Jul 2021 11:39 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संक्रमित रोगी की देखभाल जरूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
दुनिया के कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोरोवायरस संक्रमण ने भी डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। इंग्लैंड में पिछले दिनों नोरोवायरस के सामने आए 154 मामलों के बाद से स्वास्थ्य संगठन अलर्ट पर हैं। नोरोवायरस को 'विंटर वामिटिंग बग' के नाम से भी जाना जाता है। नोरोवायरस, कैलिसिविरिडे फैमिली का वायरस है। यह वायरस दुनियाभर में गैस्ट्रोएंटेराइटिस प्रकोप के 50 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार हो सकता है।  इस बीमारी के कारण हर साल अमेरिका में करीब 70 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, जिसमें से 700-800 लोगों की मौत हो जाती है। 
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार दस्त, उल्टी-मतली और पेट दर्द नोरोवायरस के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। कोरोना के नए वैरिएंट्स के लक्षण भी इससे मिलते जुलते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल हैं कि आखिर यह कैसे पता किया जा सकता है कि व्यक्ति नोरोवायरस से संक्रमित है या फिर कोरोनावायरस से? आइए आगे की स्लाइडों में विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं कि इन दोनों संक्रमणों के लक्षणों में कैसे अंतर किया जा सकता है?
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कई देशों में बढ़ा नोरोवायरस संक्रमण का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
नोरोवायरस के बारे में जानिए
कई पश्चिमी देशों में सर्दियों के मौसम में हर बार नोरोवायरस के मामले बढ़ जाते हैं, हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि साल के किसी भी समय इसका संक्रमण हो सकता है। नोरोवायरस संक्रमण में पेट की आंतों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण लोगों को कई तरह की जटिलताओं का अनुभव हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि संक्रमित व्यक्ति के मल और उल्टी के संपर्क में आने वाले लोगों को इस संक्रमण का खतरा हो सकता है। नोरोवायरस से बचाव के लिए सभी लोगों को दूषित भोजन और पानी पीने से मना किया जाता है। ऐसे समय में लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नोरोवायरस 60 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर भी जीवित रह सकते हैं। समुद्री इलाकों में ज्यादातर लोगों में शेलफिश खाने के कारण इस संक्रमण का खतरा रहता है।
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नोरोवायरस संक्रमण के लक्षण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
नोरोवायरस के क्या लक्षण होते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को संक्रमण होता है उनमें जी मिचलाना-मतली सबसे आम लक्षण हो सकता है। संक्रमण बढ़ने के साथ लोगों को अन्य कई तरह की समस्याओं का भी अनुभव हो सकता है। सीडीसी के मुताबिक लोगों में यह लक्षण आमतौर पर 1-3 दिनों तक बने रहते हैं। कुछ लोगों को 3 दिनों से अधिक समय तक दस्त की दिक्कत भी रह सकती है।
  • उल्टी-पेट दर्द
  • पेट में ऐंठन
  • लगातार दस्त आना
  • कमजोरी और सुस्त महसूस करना
  • बुखार और ठंड लगने की समस्या
  • शरीर, विशेषरूप से सिर में दर्द

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कोरोनावायरस का संक्रमण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay
कोरोनावायरस और नोरोवायरस के सामान्य लक्षण
कोरोनावायरस के सामान्य लक्षणों में लोगों को बुखार, सूखी खांसी, सिरदर्द, स्वाद और गंध न आने की समस्या हो सकती हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि नोरोवायरस और कोरोनावायरस के कई लक्षण (बुखार, सूखी खांसी, सिरदर्द, मतली, उल्टी और दस्त) समान हो सकते हैं, इससे दोनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि दोनों संक्रमणों के जोखिम कारक भिन्न अवश्य हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि नोरोवायरस और कोरोनावायरस में अंतर कैसे किया जाए?
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संक्रमण की करें पहचान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
कोरोनावायरस और नोरोवायरस में कैसे करें अंतर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चूंकि दोनों संक्रमणों के ज्यादातर लक्षण समान होते हैं ऐसे में इनमें अंतर करना थोड़ा कठिन हो सकता है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि कोरोनावायरस के संक्रमण में ऊपरी श्वसन तंत्र संबंधी समस्याएं ज्यादा होती है जबकि नोरोवायरस में लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कतों का खतरा अधिक होता है। गंध और स्वाद न आने की समस्या दोनों में अंतर करने का सबसे आसान तरीका है, यह दिक्कत सिर्फ कोरोना के संक्रमण में ही होती है। इसके अलावा कोविड-19 में सीने में दर्द और सांस न आने की दिक्कत अधिक होती है जबकि नोरोवायरस में इस तरह की समस्याएं नहीं होती हैं। 
डॉक्टरों के मुताबिक कोरोनावायरस और नोरोवायरस, दोनों ही प्रकार के संक्रमण सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हैं, ऐसे में इस तरह के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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नोट: यह लेख रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) की वेबसाइट से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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