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काम की बात: कोविड-19 और मानसूनी बीमारियों में न हों कन्फ्यूज, ऐसे कर सकते हैं आसानी से अंतर

Sun, 01 Aug 2021 06:29 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसून और कोविड-19 की बीमारियां (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)


कोरोना के नए वैरिएंट्स दुनिया के कई हिस्सों में एक बार फिर से संक्रमण के मामलों में इजाफा का कारण बन रहे हैं। भारत में भी रोजाना के कोविड-19 केस में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। इन सब के बीच कोरोना की तीसरी लहर लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। आलम यह है कि एक बार फिर अब जब लोगों को बुखार या खांसी होती है तो उन्हें कोविड का डर सताने लगता है। कोरोना वायरस महामारी के बीच, मानसून जनित बीमारियों के मामले भी देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की कई सारी बीमारियों के लक्षण कोरोना के संक्रमण से मिलते-जुलते हो सकते हैं, ऐसे में लोग इन दोनों में अंतर को लेकर भ्रमित हो रहे हैं। 
यहां समझना महत्वपूर्ण हो जाता है कि दोनों पूरी तरह से अलग-अलग स्थितियां हैं। आइए इस लेख में समझने की कोशिश करते हैं कि अगर आपको इस मौसम में कोई बीमारी हो जाए तो कैसे अंतर करें कि यह कोरोना का संक्रमण है या मानसूनी बीमारी?
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कोरोना वाययरस का संक्रमण - फोटो : Social media
कोरोना का संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। यह सार्स-सीओवी-2 नामक वायरस के कारण होता है। कोरोनावायरस संक्रमण सबसे पहले श्वसन पथ को प्रभावित करता है, जिसके कारण यह रोगियों में फेफड़ों की जटिलताएं पैदा कर सकता है। कोविड-19 में रोगियों को खांसी, गले में खराश, गंध और स्वाद की कमी, सांस की तकलीफ और फेफड़ों से संबंधित अन्य कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
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मानसून में होने वाले जुकाम-बुखार की समस्या - फोटो : Social media
मानसून में होने वाली बीमारियां
डॉक्टरों के मुताबिक मानसून अपने साथ कई तरह की बीमारियों को लेकर आता है। हो सकता है कि इसके लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हों, पर यहां आपको दोनों बीमारियों के अंतर के बारे में जानना आवश्यक है। मानसून में सामान्यतौर वेक्टर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के मामले बढ़ जाते हैं, वहीं कुछ लोगों को सामान्य सर्दी, वायरल बुखार जैसे वायरल संक्रमण की बीमारियां भी हो सकती हैं। मानसून के समय में पानी की अस्वच्छता से संबंधित रोग जैसे हैजा, टाइफाइड का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।

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मानसून और कोविड की बीमारियों में कई लक्षण हो सकते है समान - फोटो : Social media
मानसूनी बीमारियों और कोविड-19 के कुछ लक्षण हो सकते हैं समान
मानसूनी बीमारियों और कोविड-19 भले ही अलग हो लेकिन दोनों के लक्षणों के संदर्भ में कुछ समानताएं हो सकती हैं। सामान्य तौर पर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों में अक्सर लोगों को तेज बुखार, थकान, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की दिक्कत होती है, ऐसे लक्षण आपको कोरोना संक्रमण के दौरान भी हो सकते हैं।  कोविड और मौसमी सर्दी दोनों ही सांस की बीमारियां हैं, जिससे गले में खराश, खांसी, बुखार, शरीर में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
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बीमारियों में कैसे करें अंतर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कैसे करें अंतर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो सामान्य सर्दी और कोविड-19 के बीच अंतर करना बहुत मुश्किल है। चूंकि दोनों बीमारियां श्वसन से जुड़ी होती हैं ऐसे में इनके लक्षण बहुत समान हो सकते हैं। ऐसे ही डेंगू के कारण होने वाले बुखार, थकान और शरीर में दर्द और कोविड-19 के बीच अंतर करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कोविड-19 में लोगों को सूखी खांसी, गले में खराश, गंध और स्वाद की कमी जैसी श्वसन संबंधी जटिलताएं होती है, जबकि डेंगू के रोगियों में ऐसे लक्षणों की संभावना बेहद कम होती है। गंध और स्वाद की कमी सिर्फ कोविड-19 संक्रमण के दौरान ही होती है, मानसूनी बीमारियों में यह लक्षण नहीं होता है। इस आधार पर लक्षणों में अंतर किया जा सकता है। हालांकि रोग की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना सबसे बेहतर माना जाता है। 



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नोट: यह लेख डॉ. परवेश के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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