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Omicron Variant: क्या आप भी हो गए हैं संक्रमित? अध्ययन में दावा- तेज रिकवरी में मददगार है यह मैक्रोन्यूट्रिएंट

Mon, 10 Jan 2022 01:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमितों का आहार (सांकेतिक) - फोटो : iStock
भारत सहित दुनियाभर में बढ़ते कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटे में देश में करीब 1.79 लाख नए मामले सामने आए हैं, वहीं ओमिक्रॉन संक्रमण का आंकड़ा बढ़कर 4000 के पार हो गया है। राहत की बात यह है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित ज्यादातर लोगों में संक्रमण के हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं, जोकि आसानी से ठीक हो जाते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड से बचाव के लिए सभी लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, वहीं जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो गई है, उन्हें होम आइसोलेशन में खान-पान और सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही ओमिक्रॉन को अपेक्षाकृत हल्के लक्षणों वाला वैरिएंट माना जा रहा है, हालांकि इससे संक्रमण के दौरान भी लोगों को सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। संक्रमितों को आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करना चाहिए जिससे रिकवरी की रफ्तार बढ़ सके। कोविड-19 संक्रमितों को आहार में प्रोटीन की अधिक मात्रा सुनिश्चित करनी चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि कोविड से तेज रिकवरी में प्रोटीन की क्या भूमिका हो सकती है?
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कोरोना संक्रमण में ले पौष्टिक आहार - फोटो : iStock
तेज रिकवरी के लिए करें पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर को फिट रखने के लिए तमाम तरह के मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की आवश्यकता होती है, प्रोटीन उन्हीं पोषक तत्वों में से एक है। शरीर के कोशिकाओं की मरम्मत और नए कोशिकाओं को निर्माण में प्रोटीन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। कोरोना संक्रमण के दौरान भी लोगों को इस मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की अधिकता वाली चीजों के अधिक सेवन की सलाह दी जाती है, जिससे शरीर तेजी से रिकवरी कर सके। 
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आहार में प्रोटीन की बढ़ाएं मात्रा - फोटो : iStock
प्रोटीन का सेवन हो सकता है मददगार
कोरोना संक्रमितों पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि आहार में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाकर रिकवरी की रफ्तार को तेज किया जा सकता है। प्रोटीन की कमी का सीधा प्रभाव  प्रतिरक्षा प्रणाली पर पड़ता है। फंक्शनल इम्युनोग्लोबुलिन और आंत से जुड़े लिम्फोइड ऊतक (जीएएलटी) पर प्रोटीन की कमी का नकारात्मक प्रभाव हो सकता है, जिससे शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। चूंकि यह सीधे प्रतिरक्षा से जुड़ा हुआ है, ऐसे में प्रोटीन की कमी न केवल कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है, साथ ही कई अन्य वायरल संक्रमणों का जोखिम भी बढ़ सकता है।

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शरीर के लिए प्रोटीन की जरूरत - फोटो : Pixabay
कोविड के दौरान प्रोटीन की आवश्यकता
अध्ययनों में कोविड-19 की जटिलता में साइटोकिन स्ट्रोम का जिक्र मिलता है। यह साइटोकिन्स के ओवर रिलीज के कारण होने वाली होने वाला हाइपर-इंफ्लामेंटरी प्रतिक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप अक्सर मल्टी ऑर्गन फेलियर की समस्या का खतरा बढ़ जाता है। इसमें साइटोकिन्स के रिलीज को कम करने के लिए अमीनो एसिड की एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीवायरल दवाएं दी जाती हैं। अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि मांस और अन्य स्रोतों से प्राप्त प्रोटीन में सभी आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं जो इस तरह की समस्याओं का कम करने में मदद कर सकते हैं।
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प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन जरूरी - फोटो : iStock
कोविड संक्रमितों को प्रोटीन के लिए क्या खाना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पशु उत्पादों जैसे चिकन या मछली, डेयरी उत्पादों और बीन्स, दाल, नट्स और साबुत अनाज का सेवन करके प्रोटीन की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि विभिन्न खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की मात्रा भिन्न होती है, ऐसे में विशेषज्ञ की सलाह और अपने शरीर के लिए आवश्यकताओं के आधार पर प्रोटीन का सेवन किया जाना चाहिए। कोविड से तेज रिकवरी के लिए प्रोटीन को आवश्यक माना जाता है। 


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स्रोत और संदर्भ
How Protein Bolsters COVID-19 Recovery

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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