विश्व स्वास्थ्य संगठन का पहले ये कहना रहा था कि कोरोना वायरस का संक्रमण किसी सतह के संपर्क में आने से ही होता है। वैज्ञानिक सबूत भी इसकी तस्दीक कर रहे थे। यही वजह थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने कोविड-19 की बीमारी से बचाव के लिए मुख्य तौर पर हाथ धोने की सलाह दी थी। लेकिन फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि खास परिस्थितियों में 'हवा से संक्रमण' की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा सकता है। इसका मतलब ये हुआ कि जब लोग एक दूसरे से बात कर रहे होते हैं या फिर सांस छोड़ रहे होते हैं, तो सूक्ष्म कणों के ज़रिये भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है।