Women Health Tips: महिलाओं के पीरियड के दिन काफी कठिन माने जाते हैं। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए, जिन्हें इन दिनों असहनीय दर्द होता है। पर, कब ये दर्द सामान्य नहीं माना जाता, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे।
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मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
- फोटो : AI
Women Health Tips: मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द, ऐंठन और कमर दर्द होना काफी सामान्य है। गर्भाशय की मांसपेशियों के सिकुड़ने की वजह से होने वाली इन तकलीफों को आमतौर पर पीरियड क्रैम्प्स कहा जाता है।
कई महिलाओं में यह दर्द हल्का या मध्यम होता है और कुछ समय बाद अपने आप कम हो जाता है। लेकिन अगर हर महीने दर्द इतना तेज हो कि रोजमर्रा के काम, पढ़ाई या नौकरी प्रभावित होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसलिए दर्द की तीव्रता, अवधि और साथ दिखने वाले अन्य लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। आज के इस लेख में हम आपसे इसी बारे में बात करेंगे।
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मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
दर्द इतना हो कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें
पीरियड्स के दौरान हल्का या मध्यम दर्द आम बात हो सकती है। लेकिन अगर दर्द इतना तेज हो जाए कि महिला को ऑफिस, स्कूल, कॉलेज जाने, घर का काम करने या सामान्य गतिविधियां करने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर हर महीने दर्द की वजह से बिस्तर पर आराम करना पड़े या काम से छुट्टी लेनी पड़े, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। लगातार होने वाला गंभीर दर्द किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है।
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समय के साथ पीरियड दर्द बढ़ता जाए
अगर पहले पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द होता था, लेकिन कुछ महीनों या वर्षों में यह दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। खासकर वयस्क महिलाओं में अचानक बढ़ा हुआ मासिक धर्म दर्द केवल सामान्य क्रैम्प्स नहीं माना जाता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक जांच या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
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तेज दर्द के साथ बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना
पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्राव के साथ तेज दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। अगर ब्लीडिंग सामान्य से काफी ज्यादा है, लंबे समय तक जारी रहती है या बार-बार बहुत कम समय में पैड बदलना पड़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्या भी हो सकती है।
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पीरियड खत्म होने के बाद भी दर्द बना रहना
सामान्य पीरियड क्रैम्प्स आमतौर पर मासिक धर्म के आसपास होते हैं। लेकिन अगर पीरियड खत्म होने के बाद भी पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द बना रहता है, तो इसकी जांच जरूरी हो सकती है। लगातार पेल्विक पेन के पीछे एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, फाइब्रॉइड या अन्य स्त्री रोग संबंधी कारण हो सकते हैं।
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तेज पीरियड दर्द के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
हर महिला में पीरियड दर्द का कारण एक जैसा नहीं होता। सामान्य मासिक धर्म में गर्भाशय की मांसपेशियों के सिकुड़ने से क्रैम्प्स हो सकते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं में किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण दर्द ज्यादा गंभीर हो सकता है।
एंडोमेट्रियोसिस: इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं। इससे पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, पेल्विक पेन और कुछ महिलाओं में प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
एडेनोमायोसिस: इस स्थिति में गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवार में बढ़ने लगता है। इससे दर्दनाक पीरियड्स और ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
फाइब्रॉइड: गर्भाशय में बनने वाली ये गांठें आमतौर पर कैंसर नहीं होतीं, लेकिन कुछ महिलाओं में इनके कारण भारी पीरियड्स, पेट में दबाव और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मासिक धर्म में तेज दर्द कब सामान्य नहीं माना जाता?
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कब तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए?
अगर पेट या पेल्विक दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए, अत्यधिक ब्लीडिंग हो, चक्कर या बेहोशी महसूस हो, तेज बुखार आए, लगातार उल्टी हो या गर्भावस्था की संभावना के साथ तेज पेट दर्द अथवा ब्लीडिंग हो, तो इसे सामान्य पीरियड दर्द न मानें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।