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सावधान: सेहत के लिए नुकसानदायक है बहुत ज्यादा कैफीन, जानिए कितनी मात्रा में 'कॉफी' है काफी?

Sun, 18 Jul 2021 07:07 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कॉफी का ज्यादा सेवन है नुकसानदायक - फोटो : pixabay
Medically reviewed by-
अर्चना सेठी
(आहार और पोषण विशेषज्ञ)
लखनऊ


क्या आपकी नींद भी कॉफी की घूंट के बगैर नहीं खुलती है? कोई बात नहीं, ऐसे आप अकेले नहीं है। पर दिनभर में आप कितने कप कॉफी पी लेते हैं? एक-दो, चार-पांच? रुकिए अगर यह संख्या बढ़ती ही जा रही है तो आपके लिए इसके परिणाम काफी नुकसानदायक हो सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर कॉफी पीना कैसे नुकसानदायक हो सकता है? तो आइए इस बारे में जानते हैं।
तमाम अध्ययनों से संकेत मिलता है कि सही मात्रा में कैफीन का सेवन आपको गंभीर बीमारियों जैसे अल्जाइमर और हृदय रोग आदि से बचा सकता है, लेकिन इसकी सीमित मात्रा जितनी फायदेमंद है, वहीं अधिक मात्रा में सेवन शरीर को उतना ही नुकसान भी पहुंचा सकता है। लेकिन यह कैसे तय करें कि कितनी मात्रा में कॉफी पीना सही है? और अधिक कॉफी का सेवन स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए, हमें कैफीन के सेवन की मानक मात्रा और इससे होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जानना होगा। तो आइए आगे की स्लाइडों में इन्हीं बातों को विस्तार से समझते हैं।
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ज्यादा कॉफी पीने से हो सकती हैं कई समस्याएं - फोटो : Pixabay
कॉफी पीने से कई फायदे हो सकते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कॉफी में पाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण घटक कैफीन, सेंट्रल नर्वस सिस्टम (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र) के उत्तेजक के रूप में कार्य करता है। यह कुछ प्रकार को हार्मोंनों को प्रभावित करके व्यक्ति को काफी सतर्क और जागृत बनाने में मदद करता है। यही कारण है कि कॉफी पीते ही आपकी थकान और नींद दूर हो जाती है और आप तरोताजा महसूस करने लगते हैं। इतना ही नहीं सिरदर्द और माइग्रेन जैसी बीमारियों के इलाज के लिए दी जानी वाली कुछ दवाओं में कैफीन का प्रयोग भी किया जाता है। पर सीमित मात्रा में इसका सेवन जितना फायदेमंद हैं, वहीं इसकी मात्रा अधिक होने पर नुकसान का भी खतरा रहता है।
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कितनी कॉफी है काफी? - फोटो : Pixabay
कितनी मात्रा में कॉफी का सेवन किया जा सकता है?
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के सुझावों के अनुसार अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए एक दिन में 400 मिलीग्राम कैफीन के सेवन को सुरक्षित माना जा सकता है। यह दो-तीन कप कॉफी या दो एनर्जी ड्रिंक के बराबर की मात्रा है। ध्यान रखें कि हर पेय पदार्थ में कैफीन की मात्रा भिन्न हो सकती है, इसलिए उसे ध्यान में रखें।
वहीं अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार सिर्फ एक चम्मच पाउडर कैफीन लगभग 28 कप कॉफी के बराबर हो सकती है । कैफीन का इतना उच्च स्तर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और संभवतः मृत्यु का कारण भी बन सकता है।

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स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती है ज्यादा मात्रा में कॉफी - फोटो : Pixabay
कॉफी के ज्यादा सेवन के क्या नुकसान हो सकते हैं?
कई अध्ययनों के दौरान वैज्ञानिक बताते हैं कि कॉफी का अधिक सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है। शरीर में कैफीन की मात्रा अधिक हो जाने पर आपको भ्रम, उल्टी और कई अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। कैफीन की मात्रा अधिक होने से पेट में एसिड भी बढ़ जाता है, जिससे अपच और पेट में खराब हो सकती है। इसके अलावा कॉफी के ज्यादा सेवन के कारण आपको बार-बार पेशाब जाने की इच्छा हो सकती है। यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को भी प्रभावित कर सकता है जिससे हड्डी पतली हो जाती है।
गर्भवती महिलाओं को कैफीन के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, गर्भावस्था में बहुत ज्यादा कॉफी पीने से भ्रूण का विकास धीमा होने के साथ गर्भपात का जोखिम भी बढ़ जाता है। 
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घटाएं कॉफी का ज्यादा सेवन - फोटो : Pixabay
नियंत्रित मात्रा में करें कॉफी का सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कॉफी की मात्रा को ध्यान में रखें, यदि रोजाना आप बहुत ज्यादा कॉफी पीते हैं तो इसे नियंत्रित करने की कोशिश करें। कॉफी की अत्यधिक मात्रा से बचने के लिए डिकैफ़िनेटेड कॉफ़ी का सेवन कर सकते हैं। यह कॉफी की तरह ही दिखती है और स्वाद भी वैसा ही होता है, बस इसमें कैफीन की मात्रा बहुत कम होती है। कॉफी की आदत धीरे-धीरे कम करें, अचानक से कम करने पर आपको सिरदर्द, चक्कर आने जैसी कई तरह की अन्य दिक्कतें भी हो सकती हैं। 


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नोट: यह लेख आहार और पोषण विशेषज्ञ अर्चना सेठी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। अर्चना, लखनऊ की जानी-मानी पोषण विशेषज्ञ हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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