कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर यह बात तो जगजाहिर है कि यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। कोरोना मरीज के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान नाक या मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स के जरिए संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसके अलावा ये ड्रॉपलेट्स प्लास्टिक, मेटल या अन्य किसी सतह पर पड़े हों तो उन सतहों से भी संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। कोरोना वायरस किसी सतह पर कितनी देर जिंदा रह सकता है, इसको लेकर पहले भी कई अध्ययन हो चुके हैं, लेकिन ब्रिटेन में लंदन कॉलेज यूनिवर्सिटी की ओर से हुए एक नए अध्ययन में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। इसमें कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने को लेकर भी अध्ययन किया गया है।