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कोरोना से जंग: कोविड होने पर कैसा महसूस हुआ, कैसे हुए ठीक? पॉजिटिव मरीज की कहानी, उन्हीं की जुबानी

Wed, 07 Oct 2020 11:55 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Corona aur Main - फोटो : Amar Ujala
दुनियाभर के 215 से ज्यादा देशों के लोग इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण का आंकड़ा 3.62 करोड़ पार कर चुका है और इससे अबतक 10.57 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी लगभग 79 लाख लोग इससे जूझ रहे हैं। भारत में नौ लाख के करीब सक्रिय मामले हैं। हालांकि अच्छी बात ये है कि दवाओं और अन्य उपायों के जरिए लोग कोरोना से ठीक भी हो रहे हैं। कोरोना को मात देनेवाले लोगों में से ही एक हैं- निलेश। निलेश बिहार के भागलपुर जिले से हैं। कोविड की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद व्यक्ति की क्या मन:स्थिति होती है, उनकी दिनचर्या और जीवनशैली में क्या बदलाव आते हैं... कुछ ऐसे ही सवालों के साथ अमर उजाला आवाज के पॉडकास्ट कार्यक्रम 'कोरोना और मैं' में हमने बात की कोविड पॉजिटिव मरीज निलेश से। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कैसी मन:स्थिति थी आपकी, जब आपने सुना कि आपको कोरोना हुआ है?
  • मैं भागलपुर एक विशेषज्ञ डॉक्टर के पास अपना सामान्य इलाज कराने गया था। मुझमें कोरोना के कोई लक्षण थे नहीं। लेकिन डॉक्टर के कहने पर मैंने जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। थोड़ा झटका तो लगा। मैं एसिम्प्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाला कोरोना मरीज था। डॉक्टर ने समझाया कि कोरोना से लड़ने के लिए मन:स्थिति का मजबूत रहना बहुत जरूरी है।
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Coronavirus Test - फोटो : Social Media
फिर आपने क्या किया? क्या एहतियात बरते?
  • सबसे पहले मैंने घर में मम्मी-पापा की जांच कराई। घर गया, सेल्फ आइसोलेशन में रहा। एक अलग कमरे में। बाथरूम भी अलग। साफ-सफाई से लेकर मैंने तमाम एहतियात बरते। बर्तन वगैरह अलग रखा। डॉक्टर ने दवाएं दी। पौष्टिक आहार लेने को कहा। मैंने लिया भी। काढ़ा का सेवन किया। प्राणायाम वगैरह किया। 

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कोरोना वायरस - फोटो : pixabay
एसिम्प्टोमैटिक मरीजों की कैसी स्थिति रहती है?
  • बिना लक्षण वाले मरीज को लगता है कि मुझमें कोई लक्षण नहीं है, इसलिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है। व्यक्ति को भले ही लगता हो कि मैं मजबूत हूं, कोई लक्षण नहीं हैं। लेकिन कोरोना अंदर ही अंदर रेप्लिकेशन कर रहा होता है यानी अपनी संख्या बढ़ा रहा होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर मैंने तमाम प्रोटोकॉल का पालन किया, जो लक्षण वाले मरीजों को करना चाहिए। 
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कोरोना वायरस की जांच (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
कोरोना से जूझ रहे लोगों को क्या कहना चाहेंगे?
  • मन:स्थिति को मजबूत बनाए रखें। सबसे पहले मन बीमार या कमजोर होता, फिर शरीर बीमार होता है। दो बातें कहूंगा। जैसा कि डॉक्टर ने मुझे समझाया कि अगर आप युवा हैं, पहले से कोई बीमारी नहीं है तो कोरोना आपके लिए बहुत बड़ी महामारी नहीं है। बशर्ते कि आप तमाम एहतियात बरतें। दूसरी बात ये कि कोरोना को बहुत हल्के में भी न लें। पौष्टिक आहार के साथ समय पर दवाएं लें। काढ़ा पिएं। प्राणायाम और योग करें। 
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