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World Sight Day 2025: घर बैठे चेक करें आंखों की रोशनी, ऐसी दिक्कतें हैं तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास

Thu, 09 Oct 2025 05:54 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंखों को लेकर बहुत से लोगों को मन में कई सवाल है। कई बार उन्हें लगता है उन्हें कम दिख रहा है, लेकिन फिर भी वो जांच के लिए नहीं जा पाते हैं। ऐसे में आप घर बैठे भी आंखों की जांच कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते है।
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आंखों की जांच - फोटो : Amar Ujala
World Sight Day 2025: हर साल अक्टूबर महीने के दूसरे गुरुवार को 'वर्ल्ड साइट डे' मनाया जाता है, इस साल ये दिन आज यानी 9 अक्तूबर को मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंखों के स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना है। अक्सर लोग अपनी आंखों की नियमित जांच को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब उन्हें कोई स्पष्ट समस्या महसूस नहीं होती। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अपनी आंखों की रोशनी को घर बैठे भी आसानी से जांचा जा सकता है? 

हालांकि यह किसी पेशेवर डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है, लेकिन यह एक शुरुआती संकेत दे सकता है कि आपको किसी विशेषज्ञ की सलाह की जरूरत है या नहीं। घर पर आंखों की जांच करने के लिए सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है स्नेलेन चार्ट का उपयोग करना, जो अस्पतालों और क्लीनिकों में भी इस्तेमाल होता है। 

आप इसे इंटरनेट से डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकाल सकते हैं या किसी मेडिकल स्टोर से ले सकते हैं। इस चार्ट में अलग-अलग आकार के अक्षर होते हैं, जिन्हें एक निश्चित दूरी से पढ़ना होता है। इस तरह की शुरुआती जांच आपको यह समझने में मदद कर सकती है कि आपकी देखने में कोई बदलाव आ रहा है या नहीं, और आपको कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
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आंखों की जांच - फोटो : Adobe Stock
घर पर आंखों की रोशनी जांचने का तरीका
घर पर आंखों की रोशनी जांचने के लिए स्नेलेन चार्ट को अपनी आंखों से 20 फीट (लगभग 6 मीटर) की दूरी पर एक अच्छी रोशनी वाली दीवार पर लगाएं। अपने एक आंख को ढककर चार्ट में सबसे बड़े अक्षर से पढ़ना शुरू करें और धीरे-धीरे नीचे की ओर जाएं। जिस लाइन के अक्षर आप साफ-साफ नहीं पढ़ पा रहे हैं, उसे नोट करें। फिर यही प्रक्रिया दूसरी आंख से दोहराएं। यह जांच आपको एक अंदाजा देगी कि आपकी आंखों की रोशनी 20/20 है या नहीं।

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आंखों की जांच - फोटो : Adobe Stock
'आंखों की रोशनी 20/20 है' का क्या अर्थ है?
'आंखों की रोशनी 20/20 है' का अर्थ है कि आपकी आंखों की दृष्टि सामान्य और स्पष्ट है, जिसका मतलब है कि आप 20 फीट की दूरी से भी उतनी ही स्पष्टता से देख सकते हैं जितनी एक औसत व्यक्ति 20 फीट से देख सकता है। जैसे अगर आप 20 फीट की दूरी से उन चीजों को पढ़ पा रहे हैं जिसे एक सामान्य इंसान 20 फीट से पढ़ रहा है तो ये सामान्य है।

वहीं अगर आप 20 फीट की दूरी से वह चीज स्पष्ट देख सकते हैं, जिसे सामान्य व्यक्ति सिर्फ 15 फीट की दूरी से देख पाता है इसका मतलब है कि आपकी दृष्टि औसत से बेहतर है। इसका अर्थ है कि आपकी दृष्टि 20/15 है, औसत से अच्छी है।

आंखों की रोशनी 20/25 होने का अर्थ है कि आप 20 फीट की दूरी से वही देख सकते हैं, जो एक सामान्य दृष्टि वाला व्यक्ति 25 फीट की दूरी से देख सकता है। यह दर्शाती है कि आपकी दृष्टि में थोड़ी कमी है, ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। 

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आंखें - फोटो : Adobe Stock Images
ऑनलाइन टेस्ट और ऐप्स
इसके अलावा आजकल कई वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन भी उपलब्ध हैं, जो आंखों की जांच करने का दावा करते हैं। ये ऐप्स अक्सर स्नेलेन चार्ट या अन्य तरीकों का उपयोग करते हैं। हालांकि ये ऐप्स सुविधाजनक हो सकते हैं, लेकिन इनकी सटीकता सीमित होती है। इनका उपयोग सिर्फ एक शुरुआती जांच के रूप में किया जा सकता है, ध्यान रखें इन जांचों को किसी पेशेवर निदान के विकल्प के रूप में न करें।

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आंखें - फोटो : Freepik.com
डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर आपकी आखों की रोशनी 20/25 है या 20/30 है या उससे भी ज्यादा है, तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इसके अलावा यदि आपको धुंधली दृष्टि, रात में देखने में कठिनाई, आंखों में दर्द या लाली, या आंखों के सामने काले धब्बे (फ्लोटर्स) दिखाई देते हैं, तो यह एक गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

इसके अलावा अगर आपको बार-बार सिरदर्द होता है या चश्मे के नंबर में बदलाव की जरूरत महसूस होती है, तो भी डॉक्टर से मिलें। भले ही आपको आंखों में कोई समस्या महसूस न हो, फिर भी हर साल अपनी आंखों की नियमित जांच कराना बहुत जरूरी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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