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Health Alert: ज्यादा चीनी खाने से सिर्फ डायबिटीज ही नहीं आंखों को भी खतरा, तुरंत कर लें इसमें सुधार

Thu, 09 Oct 2025 05:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दुनियाभर में करीब 2.2 बिलियन (220 करोड़) लोग किसी न किसी आंख की समस्या से जूझ रहे हैं, जिनमें आधे से ज्यादा मामलों को सही देखभाल और खानपान से रोका जा सकता है।
  • ज्यादा मात्रा में चीनी, मीठे पेय का सेवन सिर्फ डायबिटीज ही नहीं आंखों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
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चीनी का आंखों पर असर - फोटो : Freepik.com
World Sight Day 2025: आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनकी मदद से हम इस दुनिया के खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले पाते हैं। हालांकि चिंताजनक बात ये है कि ये अंग अब कई प्रकार से खतरे में हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों की दिनचर्या, खान-पान की आदतें और मोबाइल-लैपटप जैसे स्क्रीन्स से नजदीकियां बढ़ गई हैं इनसे आंखों की सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंच रहा है। आलम ये है कि अब 5 से कम उम्र के लाखों बच्चों बच्चों को भी स्पष्ट देखने के लिए चश्मे की मदद लेनी पड़ रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में करीब 2.2 बिलियन (220 करोड़) लोग किसी न किसी आंख की समस्या से जूझ रहे हैं, जिनमें आधे से ज्यादा मामलों को सही देखभाल और खानपान से रोका जा सकता है।

खासतौर पर बच्चों में बढ़ता मायोपिया और युवाओं में ड्राई आइज की दिक्कत अब आम हो चुकी हैं। अगर कुछ आदतों में सुधार कर लिया जाए तो इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
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आंखों की बढ़ती बीमारियां - फोटो : Freepik.com
आंखों से संबंधित समस्याओं का बढ़ता खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं आंखों से संबंधित समस्याओं के लिए लाइफस्टाइल से संबंधित कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसपर कम उम्र से ही गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।

डिजिटल स्क्रीन का लगातार उपयोग, पोषण की कमी, जंक फूड का सेवन,नींद की कमी, प्रदूषण और धूल को इसका प्रमुख कारण माना जाता है। हालांकि आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली एक खतरनाक आदत पर लोगों का ध्यान बहुत कम जाता है, वह है चीनी का अधिक सेवन।

ज्यादा मात्रा में चीनी, मीठे पेय का सेवन सिर्फ डायबिटीज ही नहीं आंखों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
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ज्यादा मीठा खाने से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
चीनी खाने से आंखों की समस्या

अध्ययनों में पाया गया है कि ज्यादा मीठा खाने से डायबिटिक रेटिनोपैथी, धुंधला दिखने और समय से पहले मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ज्यादा चीनी या मीठे पेय के कारण समय के साथ डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या का खतरा बढ़ जाता है जो रेटिना की नसों को प्रभावित करती है। इसपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये धीरे-धीरे अंधेपन तक का कारण बन सकती है।

इसके अलावा ज्यादा चीनी के सेवन का आंखों की लेंस पर भी असर पड़ता है जिससे मोतियाबिंद होने का खतरा बढ़ जाता है।

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आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
आंखों में होने वाली दिक्कतें

अध्ययनों से पता चलता है कि ज्यादा चीनी खाने की आदत ब्लड शुगर लेवल को भी तेजी से बढ़ाती है। लंबे समय तक शुगर लेवल हाई रहने के कारण आपकी आंख के लेंस में सूजन बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे उसका आकार बदल सकता है और ठीक से ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो सकता है। रक्त शर्करा स्तर सामान्य सीमा में वापस आने पर यह समस्या अक्सर भी ठीक हो जाती है।

इसके अलावा चीनी युक्त आहार और हाई ब्लड शुगर के संयोजन से आंसू का उत्पादन भी कम हो सकता है जिससे ड्राई आइज, आंखों में जलन, चुभन और धुंधली दृष्टि जैसे लक्षण हो सकते हैं।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
आंखों को स्वस्थ रखने वाले उपाय?

ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थाल्मोलॉजी की रिपोर्ट कहती है कि जिन लोगों का शुगर सेवन अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें आंखों से संबंधित विकारों का खतरा 30% तक बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों और युवाओं को कोल्ड ड्रिंक्स, कैंडी, पैकेज्ड जूस और चॉकलेट का सेवन कम करना चाहिए और प्राकृतिक मिठास जैसे फलों को अपनाना चाहिए।

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन-ए, विटामिन सी, विटामिन ई, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड बेहद जरूरी हैं। आहार में चीनी की मात्रा कम करने के साथ इन पोषक तत्वों से भरपूर चीजों की मात्रा बढ़ा लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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