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हेल्थ की बात: शरीर का खतरनाक दुश्मन है इंफ्लेमेशन, जानिए इसके खतरे और आप कैसे रहें सुरक्षित

Tue, 06 Oct 2026 07:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Body inflammation: एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को शरीर में सूजन कम करने वाला माना जाता है। इसमें  फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, सीड्स-नट्स वाली चीजें होती हैं। इस डाइट में अत्यधिक प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने पर जोर दिया जाता है। इससे हार्ट, गठिया जैसी समस्याओं में आराम मिल सकता है।
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शरीर में सूजन की दिक्कत - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक मानते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि शरीर में लंबे समय तक रहने वाली (क्रोनिक) इंफ्लेमेशन स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है। इससे हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द के साथ कैंसर तक का जोखिम हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को शरीर में सूजन को कंट्रोल करने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

वैसे तो सूजन होना शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया है। चोट, संक्रमण या किसी दूसरी समस्या के प्रतिक्रिया में शरीर में सूजन हो सकती है। समस्या तब पैदा होती है जब यह प्रतिक्रिया जरूरत खत्म होने के बाद भी जारी रहती है। ऐसी स्थिति को क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कहा जाता है।

क्या लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव करके इंफ्लेमेशन की समस्या को कम किया जा सकता है?
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बॉडी में इंफ्लेमेशन की समस्या - फोटो : Adobe Stock Images
क्रॉनिक इंफ्लेमेशन और इसके खतरे

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि खान-पान में गड़बड़ी, शारीरिक गतिविधियों की कमी, लगातार तनाव और धूम्रपान जैसी समस्याएं क्रॉनिक इंफ्लेमेशन का कारण बन सकती है। ये समय के साथ आपमें हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
 
  • अच्छी बात यह है कि लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव भी इस समस्या को कम करने में मददगार हो सकते हैं। गठिया हो या हृदय रोग, इंफ्लेमेशन के कारण होने वाली इन समस्याओं को कम करने में स्वास्थ्य विशेषज्ञ एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को फायदेमंद बताते हैं।
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट

कुछ शोध में पाया गया है कि शरीर में सूजन की समस्या को कंट्रोल करने के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें ऐसे खाने के तरीके पर जोर दिया जाता है जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स-सीड्स और असंतृप्त वसा जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हों। 
 
  • मेडिटेरेनियन डाइट इसका सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें मुख्यरूप से प्लांट बेस्ड चीजों और हेल्दी फैट पर जोर दिया जाता है।
  •  यह हृदय रोग और उच्च रक्तचाप के खतरे को कम करती है।

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डायबिटीज-हार्ट की समस्या - फोटो : Freepik.com
हार्ट और डायबिटीज में फायदेमंद
 
  • लंबे समय तक शरीर में रहने वाली सूजन को कई क्रॉनिक बीमारियों का कारण माना जाता है। खाने के पैटर्न में बदलाव करके वजन, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ जैसी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिल सकती है। मेडिटेरेनियन डाइट पर हुई रिसर्च में इसे हार्ट डिजीज और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम करने वाला पाया गया है। 

जोड़ों की समस्याओं में भी फायदा
 
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजें खाने से जोड़ों की सेहत को भी फायदा हो सकता है। कुछ अध्ययनों में ऐसे आहार पैटर्न को शरीर में सूजन से जुड़े कुछ मार्करों को कम करने वाला पाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट गठिया या किसी दूसरी बीमारी को ठीक नहीं कर सकती, हालांकि इससे बीमारी के लक्षणों और खतरों को जरूर कंट्रोल किया जा सकता है।
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डाइट में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
कैसी रखें डाइट

शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करने के लिए डाइट में सब्जियां, दालें या दूसरी प्रोटीन वाली चीजों को शामिल किया जा सकता है। साबुत अनाज और जरूरत के अनुसार नट्स-सीड्स को शामिल करना भी आपको लाभ दे सकता है। सूजन की समस्या को कम करने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स सफेद ब्रेड, ज्यादा मीठे पेय, अत्यधिक प्रोसेस्ड स्नैक्स और तली-भुनी चीजें कम खाने की सलाह देते हैं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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