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सलाह: यह चार घरेलू उपाय हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में हैं सहायक, हृदय रोगों से भी मिलेगी सुरक्षा

Sun, 15 Aug 2021 10:52 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)


हाई ब्लड प्रेशर, दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है। इस स्थिति में धमनियों के खिलाफ रक्त का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, लंबे समय तक इस स्थिति के बने रहने से रक्त वाहिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हाई ब्लड प्रेशर, कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हार्ट फेलियर, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी आदि का कारण भी बन सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर का समय पर निदान और प्रबंधन बहुत आवश्यक है। सिस्टोलिक का स्तर 140 मिमी एचजी और डायस्टोलिक का स्तर 90 मिमी एचजी या उससे अधिक होने को हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति माना जाता है। 
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सौभाग्य से रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने के कई तरीके हैं। वैसे तो रोगियों को कई तरह की दवाएं दी जा सकती हैं, लेकिन प्राकृतिक उपचार के माध्यम से
इसे नियंत्रित करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ आसान से उपायों के बारे में जानते हैं जिनका पालन करके आप हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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भोजन में नमक का कम इस्तेमाल करें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
आहार में सोडियम की मात्रा को कर दें कम
कई अध्ययनों में हाई ब्लड प्रेशर को सोडियम (आहार में नमक) के अधिक सेवन से जोड़कर देखा जाता है। अधिक सोडियम स्ट्रोक का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना सोडियम की मात्रा में की गई थोड़ी सी भी कमी हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को 5 से 6 मिमी एचजी तक कम कर सकती है। सामान्य तौर पर लोगों को स्वस्थ रहने के लिए नमकीन प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में 2,300 मिलीग्राम से अधिक मात्रा में नमक नहीं खाना चाहिए।
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आहार में शामिल करें पोटेशियम - फोटो : Social media
पोटेशियम की मात्रा को बढ़ा दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर के सभी रोगियों को पोटेशियम का सेवन अधिक करना चाहिए।  पोटेशियम, शरीर में सोडियम की मात्रा को कम करने के साथ रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करता है। दैनिक आहार से आसानी से पर्याप्त मात्रा में  पोटेशियम प्राप्त किया जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, आलू, और शकरकंद जैसी सब्जियों और खरबूजे, केला, संतरा, और खुबानी जैसे फलों को पोटेशियम से समृद्ध माना जाता है।

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शरीर के लिए व्यायाम है जरूरी (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
नियमित व्यायाम है जरूरी
अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम बहुत महत्वपूर्ण है। अध्ययनों से पता चलता है कि स्वस्थ रहने और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से 30 से 45 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है। नियमित व्यायाम, हृदय को मजबूती देता है, जिससे
वह रक्त को अधिक कुशलता से पंप करने में सफल होते हैं। रोजाना 40 मिनट पैदल चलना भी स्वस्थ के लिए बेहतर माना जाता है।
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नशे को कहें न - फोटो : Social media
शराब और धूम्रपान शरीर के लिए बेहद घातक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शराब या धूम्रपान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को और गंभीर बना सकते हैं। शोध बताते हैं कि दुनियाभर में शराब को उच्च रक्तचाप के 16 प्रतिशत मामलों का कारण माना जाता है। शराब और निकोटीन दोनों ही अस्थायी रूप से रक्तचाप के स्तर को बढ़ा देते हैं, जिससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। चूंकि दोनों ही चीजें आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हैं, ऐसे में इन्हें हमेशा के लिए छोड़ देना बेहतर है।



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नोट: यह लेख डॉ. परवेश के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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