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Blood Pressure: क्या आपको भी हाई बीपी की समस्या है? इन आसान उपायों से दूर हो सकती है आपकी परेशानी

Wed, 28 Jan 2026 08:40 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

High BP Ko Control Karne Ke Upay: ब्लड प्रेशर एक ऐसी समस्या है जिससे लगभग हर तीन में से एक व्यक्ति परेशान रहता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कंट्रोल करने के लिए क्या कर सकते हैं? 
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
Symptoms Of Hypertension: हाई ब्लड प्रेशर आज के समय में एक ऐसी समस्या है जिससे हमारे देश की एक बड़ी आबादी परेशान रहती है। इसे चिकित्सा की भाषा में 'हाइपरटेंशन' कहा जाता है। यह एक तरह की 'साइलेंट किलर' समस्या है जो दबे पांव शरीर में कई अन्य समस्याओं को जन्म देता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक कि यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान न पहुंचा दे।

जब खून का प्रवाह धमनियों की दीवारों पर सामान्य से अधिक दबाव डालने लगता है, तो हृदय को ब्लड पंप करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि लंबे समय तक बना रहने वाला हाई बीपी हृदय गति रुकने, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियों का मुख्य कारण बनता है। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ता तनाव, शारीरिक सक्रियता की कमी और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन का सेवन हाई बीपी का एक बड़ा कारण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लड प्रेशर का सामान्य स्तर 120/80 mmHg होना चाहिए, लेकिन अगर यह लगातार 140/90 से ऊपर बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। आइए इस लेख में इसी समस्या को ठीक करने के कुछ उपाय के बारे में जानते हैं।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
आहार में नमक की कटौती और 'डैश डाइट' का महत्व
हाई बीपी को नियंत्रित करने का सबसे पहला कदम आहार में बदलाव करना है। अत्यधिक नमक (सोडियम) शरीर में पानी को रोकता है, जिससे खून की मात्रा और दबाव बढ़ जाता है। डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई 'डैश डाइट' में पोटैशियम से भरपूर फूड प्रोडक्ट जैसे केला, पालक और शकरकंद शामिल करें। पोटैशियम सोडियम के प्रभाव को कम करता है और रक्त वाहिकाओं की दीवारों को आराम पहुंचाता है, जिससे बीपी नेचुरल रूप से नियंत्रित होने लगता है।

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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण की भूमिका
सक्रिय दिनचर्या ब्लड प्रेशर को मैनेज करने का सबसे प्रभावी तरीका है। प्रतिदिन मात्र 30 मिनट की तेज टहलना, साइकिल चलाना या तैराकी करना आपके हृदय को मजबूत बनाती है। हृदय जितना शक्तिशाली होगा, वह उतनी ही कम मेहनत के साथ ब्लड पंप कर पाएगा, जिससे धमनियों पर दबाव कम होगा। वजन में केवल 5 किलो की कमी भी आपके सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में अच्छा गिरावट ला सकती है।

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मानसिक तनाव को कम करें - फोटो : Adobe Stock
तनाव प्रबंधन और धूम्रपान से दूरी है अनिवार्य
क्रोनिक तनाव हमारे शरीर को लगातार 'फाइट या फ्लाइट' मोड में रखता है, जिससे हृदय गति और ब्लड प्रेशर बढ़े रहते हैं। तनाव कम करने के लिए योग, प्राणायाम और गहरी सांस लेने के व्यायाम चमत्कारी प्रभाव दिखाते हैं। इसके साथ ही, धूम्रपान और शराब का सेवन धमनियों को सख्त बना देता है, जिससे बीपी बढ़ता है। इन बुरी आदतों को छोड़ना आपकी धमनियों के लचीलेपन को वापस लाने में मदद करता है।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
नियमित निगरानी और अनुशासित जीवन ही है बचाव
हाई ब्लड प्रेशर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि इसे अनुशासन से नियंत्रित किया जा सकता है। समय-समय पर अपने बीपी की जांच करवाना और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना ही इस बीमारी को ठीक करने की चाबी है। दवाइयों के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली का तालमेल ही आपको दीर्घायु और रोग मुक्त बना सकता है। अपनी सेहत की जिम्मेदारी खुद लें और आज ही एक छोटा सा स्वस्थ बदलाव शुरू करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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