कोरोना महामारी ने भले ही लोगों के सामान्य जीवन को उधेड़ कर रख दिया है, लेकिन इससे सीखा जा सकता है कि भविष्य में इस तरह की दूसरी समस्याओं से बचने के लिए हमें अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इम्यूनिटी बेहतर होने से शरीर किसी भी तरह के रोगजनकों से आसानी से मुकाबला करने के योग्य हो जाता है। 21 मई को इंटरनेशल टी डे के रूप में मनाया जाता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि इम्यूनिटी बढ़ाने में हमारे लिए कौन-कौन सी चाय फायदेमंद हो सकती है? चाय में किन चीजों को शामिल करके प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है?
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चाय में मिलाएं तुलसी के पत्ते (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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तुलसी की पत्तियां
तुलसी को विटामिन सी और जिंक से भरपूर माना जाता है। इसके अलावा इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी होते हैं जो संक्रमण से मुकाबला करने के साथ हमें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। तुलसी में फाइटोकेमिकल्स, बायोफ्लेवोनोइड्स और एंटी-ऑक्सीडेंट यौगिक भी पाए जाते हैं जो श्वसन पथ के संक्रमण को ठीक करने में बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। इन कारणों से स्वास्थ्य विशेषज्ञ चाय में तुलसी की पत्तियों को मिलाकर सेवन करने की सलाह देते हैं।
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अदरक पोषक तत्वों से भरपूर
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अदरक
अदरक को संक्रमण से मुकाबले के लिए सबसे उपयोगी और सहज औषधि माना जाता है। यह विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता हुआ है। अदरक में मौजूद जिंजरोल नामक एक एक्टिव कंपाउंड इसे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने का गुण देता है। चाय में अदरक को मिलाकर सेवन करने के अन्य कई लाभ हो सकते हैं।
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स्वाद और सेहत के लिए इलाइची
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इलाइची
इलाइची, भारतीय व्यंजनों के मुख्य मसाले के रूप मे इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें मैंगनीज जैसे पोषक तत्वों की अधिकता होती है जो शरीर में वायरस से लड़ने वाली कोशिकाओं को बढ़ावा देने में मदद करती है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स से भरपूर इलाइची, पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मददगार है। रोजाना चाय में एक से दो इलाइची डालने से न सिर्फ स्वाद अच्छा हो जाता है साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है।
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मुलेठी का चाय बेहद फायदेमंद
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मुलेठी
मुलेठी, श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने और पाचन तथा लीवर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है। खांसी, सर्दी, और छाती में जमाव को कम करने में यह औषधि अत्यंत लाभदायक साबित हो सकती है। इसके अलावा प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ शरीर को रोगाणुओं, प्रदूषकों और एलर्जी से बचाने में भी मुलेठी काफी कारगर औषधि मानी जाती है। मुलेठी की चाय के सेवन से यह सभी लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
दालचीनी
दालचीनी भी भारतीय व्यंजनों के मुख्य मसाले के रूप में प्रयोग में लाई जाती रही है। दालचीनी में पॉलिफीनॉल एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक है।इसके अलावा यह इंसुलिन की संवेदनशीलता को भी बढ़ाता है। चाय में दालचीनी का छोटा सा टुकड़ा मिलाकर उसका सेवन करने से आपको कई सारे लाभ मिल सकते हैं।
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नोट: यह लेख डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) प्रिया पांडेय की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।