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Year Ender 2022: हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा यह साल, चलते-नाचते सडेन हार्ट अटैक से हुई मौतें

Fri, 16 Dec 2022 01:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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साल 2022 में हार्ट अटैक के मामले - फोटो : AmarUjala Graphic
साल 2022 में अब कुछ ही दिन शेष हैं, फिर नए साल का स्वागत। सेहत के लिहाज से इस साल के घटनाक्रमों को याद करें तो यह साल कई मामलों में चुनौतीपूर्ण रहा। पिछले तीन साल से जारी कोरोना महामारी के कारण साल के शुरुआत में देश में तीसरी लहर जरूर देखने को मिली हालांकि समय के साथ इसमें काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया, पर एक समस्या जो पूरे साल लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण बनी रही और आने वाले साल में भी जिसको लेकर विशेषज्ञ अलर्ट कर रहे हैं, वह है हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामले। साल 2022 को हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी चुनौतीपूर्ण माना जा सकता है। 

इस साल हार्ट अटैक के मामले सुर्खियों में रहे, विशेषकर सडेन हार्ट अटैक जिसमें चलते-नाचते हुए लोगों को दिल का दौरा पड़ा जिससे उनकी मौत हो गई। यह खतरा अब भी जारी है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ साल 2023 के लिए भी लोगों को अलर्ट कर रहे हैं।

कुछ दशकों पहले तक हार्ट अटैक को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था पर इस साल 30-40 की आयु वाले लोगों में भी इसका खतरा काफी अधिक देखा गया। 
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हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock
चलते-नाचते पड़ा दिल का दौरा

इस साल हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट के कई ऐसे मामले भी दर्ज किए गए जिसमें व्यक्ति को पहले से कोई भी ज्ञात हृदय की बीमारी नहीं थी। डीजे पर डांस करते, रास्ता चलते, काम करते हुए भी लोगों को दिल का दौरा पड़ा। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित कई वीडियो और तस्वीरें पूरे साल छाई रहीं।

बरेली में एक कार्यक्रम के दौरान 48 वर्षीय व्यक्ति को हार्ट अटैक आया जिसके कारण उसकी तुरंत मौत हो गई।

इसी तरह सितंबर में जम्मू के 20 वर्षीय स्टेज कलाकार की भी इसी तरह से अचानक हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है। डीजे के सामने कई लोगों की अचानक नाचते हुए मौत की खबरें आपने भी जरूर पढ़ी होंगी।
 
 
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राजू श्रीवास्तव की हार्ट अटैक के कारण हुई मौत - फोटो : Twitter
कई सेलिब्रिटीज भी हुई शिकार

यह साल हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर काफी चर्चा में रहा, कई सेलिब्रिटीज भी इसके शिकार हुए। 10 अगस्त को मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को जिम में वर्कआउट के दौरान दिल का दौरा पड़ा, वह करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे, हालांकि 21 सितंबर को उनकी मौत हो गई। इसी तरह मशहूर गायक केके का 31 मई को एक कार्यक्रम के दौरान अचानक पड़े दिल के दौरा के कारण निधन हो गया। 

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हृदय रोगों की बढ़ती समस्या - फोटो : istock
क्यों बढ़े हार्ट अटैक के मामले

अचानक दिल का दौरा पड़ने के कारण हो रही मौतें, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए अब भी बड़े चिंता का कारण बनी हुई हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अमित पेंडारकर कहते हैं, इसके लिए कोविड-19 के दुष्प्रभावों को भी एक कारण के तौर पर देखा जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोरोनावायरस का संक्रमण नसों और धमनियों की आंतरिक सतहों को प्रभावित करता है, जिससे रक्त वाहिका में सूजन हो सकती है, इस तरह की स्थिति दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकती है।

इसके अलावा डीजे की तेज आवाज (जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता हो) सिंपैथिक नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचाती देखी जा रही है, जिससे लोगों में हृदय गति बढ़ने का खतरा हो सकता है। आहार और दिनचर्या की गड़बड़ी को भी इसके प्रमुख कारणों में से माना जाता है।
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हृदय की सेहत का रखिए ख्याल - फोटो : istock
अगले साल के लिए भी चुनौती

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोगों का जोखिम कम उम्र के लोगों में भी बना हुआ है, यह स्थिति कई मामलों में चुनौतीपूर्ण है। साल 2023 में हृदय रोगों के जोखिम को कम करने के लिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। स्वस्थ लोगों को भी हृदय की जांच करानी चाहिए साथ ही इसको स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है। आहार को स्वस्थ रखें, दिनचर्या में व्यायाम को जरूर शामिल करें। इस तरह के कुछ जरूरी उपाय आपके जोखिमों को कम कर सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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