Heart Attack Vs CPR: हाल के वर्षों में हार्ट अटैक और इससे मौत के मामलों में काफी तेजी से उछाल देखा गया है। अब कम उम्र में, यहां तक कि 20 की उम्र वाले लोग भी न केवल हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं बल्कि इससे मौत की भी खबरें अक्सर चर्चा में रहती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल करीब 1.8 करोड़ लोगों की मौत दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण हो जाती है, जिसमें हार्ट अटैक एक बड़ी वजह है। भारत में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ा है। गंभीर बात यह है कि कई मामलों में मरीज अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक की स्थिति हर बार जानलेवा नहीं होती, इससे लोगों की जान बचाई जा सकती है अगर उन्हें समय रहते सीपीआर दे दिया जाए। ये एक जीवनरक्षक तकनीक है जिसके बारे में सभी लोगों को जानना आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करके लोगों की जान बचाई जा सके।
इसी बारे में लोगों को जागरूक करने और सीपीआर का सही तरीका समझाने के लिए एम्स भोपाल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।