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Vitamins: जिंदगी में कब कितने विटामिन हैं जरूरी, हर महिला को जरूर पता होनी चाहिए ये बात

Thu, 28 Mar 2024 07:45 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विटामिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता, हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर बड़ी मुश्किल आ सकती है।
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विटामिन - फोटो : istock

विद्या शर्मा

महिलाएं दिन भर काम करती हैं और लगातार होने वाली थकान को काम की थकान समझ कर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन यह शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी का संकेत हो सकता है। महिलाओं का स्वास्थ्य पुरुषों की तुलना में कई तरह से अलग होता है। साथ ही पोषक तत्वों की आवश्यकताएं भी भिन्न होती हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए विटामिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही विटामिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता, हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर बड़ी मुश्किल आ सकती है।

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क्यों जरूरी टेस्ट - फोटो : pexel

क्यों जरूरी टेस्ट

महिलाओं के शरीर में अक्सर जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी देखी जाती है। शरीर में इनकी कमी के कई लक्षण व संकेत भी नजर आने लगते हैं। विटामिन टेस्ट कराने से यह पता लगाया जा सकता है कि आपके शरीर में किन विटामिनों की कमी है। यह जानकारी आपको उचित उपचार कराने में मदद करती है। इसके माध्यम से आप अपने शरीर में पोषण संबंधी कमियों का पता लगा सकती हैं। वहीं कुछ समस्याओं, जैसे- एनीमिया, जो कि विटामिन की कमी से होती है, उसका उपचार करा सकती हैं। समय रहते जब आप डॉक्टर से सलाह लेती हैं तो इन समस्याओं का आसानी से निदान कर पाती हैं।

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महत्वपूर्ण पोषक तत्व - फोटो : istock

महत्वपूर्ण पोषक तत्व

विटामिन डी हड्डियों की मजबूती, प्रतिरक्षा प्रणाली और मूड को बेहतर बनाता है। विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है। फोलिक एसिड गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास के लिए जरूरी है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखता है। वहीं कैल्शियम हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए आवश्यक होता है। इनकी कमी आपको परेशानी में डाल सकती हैं।

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कब कराएं टेस्ट - फोटो : सोशल मीडिया

कब कराएं टेस्ट

अनियमित मासिक धर्म, हमेशा थकान रहना और बालों का लगातार झड़ना शरीर में विटामिन की कमी का संकेत होते हैं। ऐसे में जब आप इन समस्याओं का सामना करें तो अपना विटामिन टेस्ट जरूर कराएं। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान भी विटामिन टेस्ट कराना सही होता है। इससे आपको सही समय पर जरूरी विटामिन की कमी का पता लग जाता है।

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डाइट में विटामिन - फोटो : istock

डाइट में विटामिन

विटामिन विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां और फल आदि। ब्रोकली, पत्ता गोभी, कीवी, अंगूर, सोयाबीन और ऑलिव ऑयल में विटामिन के पाया जाता है। इसके साथ ही लाल और पीले रंग की सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और अन्य स्वास्थ्यवर्धक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जैसे- शिमला मिर्च, टमाटर और गाजर आदि।

ध्यान रखें

कई महिलाएं दूसरों के कहने पर खुद ही विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू कर देती हैं, जो कि गलत है। आप हमेशा विटामिन सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह पर ही लें।

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vitamin - फोटो : iStock

साल में एक बार टेस्ट जरूरी

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रभाकर भूषण मिश्रा कहती हैं, महिलाओं में विटामिन्स की कमी काफी देखी जाती है। खासकर वे महिलाएं, जो शाकाहारी होती हैं या हाल ही में मां बनी हैं। ऐसी महिलाएं पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं पीती हैं, जिस वजह से उनमें विटामिन बी12 की कमी हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि साल में एक बार विटामिन टेस्ट जरूर कराएं। अगर लंबे समय तक आप विटामिन्स की जांच नहीं करातीं तो दिल से जुड़ी बीमारी, मेंटल हेल्थ और पाचन समेत कई बीमारियों के संपर्क में आ सकती हैं। सही स्वास्थ्य के लिए महिलाओं के शरीर में विटामिन्स के साथ अन्य पोषक तत्वों का स्तर भी सामान्य होना जरूरी है। समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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