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Health Tips: खराब हो गया है आपका स्लीप साइकिल? दिनचर्या में करें ये बदलाव हमेशा के लिए दूर होगी परेशानी

Sun, 30 Nov 2025 01:02 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sleep Cycle Tips: स्लीप साइकिल खराब होना एक आम समस्या है जिससे लगभग सभी लोग कभी न कभी जरूर दो चार होते हैं। इससे हमारे सेहत पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। इसलिए इसे सुधारना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
Sleep Cycle Improvement Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्लीप साइकिल यानी सोने-जागने का समय खराब होना एक आम समस्या बन गई है। यह साइकिल शरीर की सर्केडियन रिदम द्वारा नियंत्रित होती है। जब यह चक्र बिगड़ जाता है, तो हमें इन्सोम्निया या पर्याप्त नींद के बावजूद दिनभर थकान और आलस महसूस होता है। स्लीप साइकिल बिगड़ने का मुख्य कारण अनियमित सोने का समय, देर रात तक स्क्रीन देखना और तनाव होता है। 

इसका असर केवल नींद पर ही नहीं, बल्कि मेटाबॉलिज्म, मूड, और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह समस्या दवाइयों के बजाय जीवनशैली और दिनचर्या में बदलाव लाकर ही दूर की जा सकती है। अपने शरीर की सर्केडियन रिदम को सही समय पर सेट करना ही इस परेशानी को जड़ से खत्म करने का एकमात्र प्रभावी तरीका है। आइए इस लेख में जानते हैं क्या महत्वपूर्ण बदलाव जरूरी है जिससे आप अपने स्लीप साइकिल को सुधार सकते हैं।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत
अपने स्लीप साइकिल को ठीक करने का सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम है निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत डालना। रोजाना एक ही समय पर सोना और जागना, आपके मस्तिष्क को यह संकेत देता है कि मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) कब रिलीज करना है।

यह आपके सर्केडियन रिदम को स्थिर करता है, जिससे आपको आसानी से और समय पर नींद आने लगती है। इस नियम का पालन करने से शरीर का पूरा साइकिल नेचुरल रूप से सेट हो जाता है।
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नीली रोशनी से बचें - फोटो : Adobe stock
नीली रोशनी से पूरी तरह बचें
सोने से एक घंटा पहले सभी तरह की स्क्रीन मोबाइल, लैपटॉप, और टैबलेट को दूर रख दें। इन उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी सीधे आपके मस्तिष्क को प्रभावित करती है और मेलाटोनिन नामक हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करती है। मेलाटोनिन के बिना, मस्तिष्क को यह संकेत नहीं मिल पाता कि सोने का समय हो गया है। इसलिए सोने से पहले किताबें पढ़ें या संगीत सुनें।

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स्ट्रेस - फोटो : adobe stock images
तनाव कम करें और शांत माहौल बनाएं
स्लीप साइकिल बिगड़ने का एक बड़ा कारण मानसिक तनाव है। सोने से पहले दिमाग को शांत करने के लिए 5 मिनट का ध्यान या गहरी सांस लेने के व्यायाम करें। अपने बेडरूम को अंधेरा, शांत और आरामदायक बनाएं। हल्का ठंडा तापमान नींद के लिए सबसे अच्छा होता है। शांत माहौल तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के लेवल को कम करता है, जिससे आप आसानी से गहरी नींद में जा सकते हैं।

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सुबह की धूप लेना - फोटो : Adobe Stock
सुबह की धूप और कैफीन का प्रबंधन
सुबह उठते ही कुछ देर धूप लेना आपकी सर्केडियन रिदम को रीसेट करने में मदद करता है। धूप से मिलने वाली रोशनी मेलाटोनिन उत्पादन को रोककर आपको जगाने का संकेत देती है। इसके साथ ही दोपहर 2 बजे के बाद चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें, क्योंकि कैफीन का असर लंबे समय तक बना रहता है और यह आपकी रात की नींद को बाधित कर सकता है। इन चार नियमों का पालन करके आप अपने स्लीप साइकिल को ठीक कर सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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