फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत की बात: क्या ग्रीन-टी से हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम भी कम होता है? यहां मिलेगा आपके सवाल का जवाब

Thu, 30 Jan 2025 07:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
ग्रीन टी के फायदे जानिए - फोटो : Freepik
ग्रीन-टी अपने स्वास्थ्य संबंधी लाभ के लिए काफी चर्चा में रही है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स को सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी माना जाता रहा है जो इसे सेहत को लेकर जागरूक रहने वालों के बीच पसंदीदा पेय भी बनाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ग्रीन टी सिर्फ एक साधारण पेय नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्यवर्धक औषधि है। यह हृदय, मस्तिष्क, त्वचा, वजन घटाने और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में मदद करती है। यदि आप इसे अपनी आहार दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती है।

अध्ययनों से पता चलता है कि ग्रीन-टी में कैटेचिन नामक एक प्रकार का पॉलीफेनोल होता है। कैटेचिन एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कोशिकाओं को डैमेज होने से रोकने में मदद करते हैं और आपको गंभीर और क्रोनिक बीमारियों से बचाए रखते हैं। इसे शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने और एंटी-कैंसर प्रभावों के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए सेवन किया जाता रहा है।

क्या ग्रीन टी से हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम भी कम होता है? ये सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है, आइए इस बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
हृदय रोगों से बचाव के लिए ग्रीन-टी - फोटो : Freepik.com
ग्रीन-टी आपके हार्ट के लिए फायदेमंद?

ग्रीन-टी से क्या हृदय रोगों के खतरे को भी कम किया जा सकता है, इसको समझने के लिए किए गए अध्ययनों की समीक्षा से पता चलता है कि नियमित रूप से अगर आप ग्रीन-टी पीते हैं तो इससे हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है और हृदय से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ग्रीन-टी में मौजूद तत्व रक्तचाप या लिपिड दोनों को कंट्रोल करने में सहायक हो सकते हैं जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। 
विज्ञापन

3 of 5
ग्रीन टी से होने वाले फायदे जानिए - फोटो : Freepik.com
कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल

अन्य अध्ययनों में पाया गया कि ग्रीन-टी का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने और रक्तचाप को संतुलित करने में भी मदद करता है। शोध बताते हैं कि यह बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी मददगार पेय है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।

एक अध्ययन के अनुसार, ग्रीन-टी पीने से हृदय रोग के जोखिम को 31% तक कम किया जा सकता है। हालांकि, ग्रीन-टी से हृदय स्वास्थ्य को होने वाले फायदों को जानने के लिए अभी और नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता है।

4 of 5
ब्रेन स्ट्रोक से बचाव - फोटो : Freepik.com
स्ट्रोक से होता है बचाव?

कई अध्ययन इस तरफ भी ध्यान आकृष्ट करते हैं कि नियमित रूप से ग्रीन-टी पीने से स्ट्रोक के खतरे को भी कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने जापान में 46,000 से अधिक प्रतिभागियों (40 से 79 वर्ष की आयु, 60% महिला) के डेटा का विश्लेषण किया। निष्कर्ष में पाया गया कि रोजाना जिन लोगों ने ग्रीन-टी का सेवन किया उनमें अन्य लोगों की तुलना में स्ट्रोक होने या इसके कारण मौत का खतरा 62% तक कम था।

इतना ही नहीं जिन लोगों में स्ट्रोक या दिल के दौरे की हिस्ट्री रही थी उन्हें भी ग्रीन टी पीने से लाभ मिलने के प्रमाण मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ग्रीन टी पीने की बनाइए आदत - फोटो : Freepik.com
इसके एंटीऑक्सीडेंट्स गुण बनाते हैं खास

ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स और कैटेचिन्स जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, ग्रीन-टी में मौजूद एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (EGCG) नामक कंपाउंड कैंसर, हृदय रोग और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली गंभीर समस्याओं को कम करने में मदद करता है। वजन घटाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाने में भी ये फायदेमंद है इसलिए इसके नियमित सेवन से कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।


---------
स्रोत और संदर्भ
A comprehensive overview on the effects of green tea on anthropometric measures, blood pressure, glycemic and lipidemic status

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें