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Health Tips: डायबिटीज है तो फल और सब्जियां भी पहुंचा सकती हैं नुकसान, हो जाएं अलर्ट

Thu, 04 Jul 2024 12:48 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) के अनुसार, इस मौसम में जिन फलों, सब्जियों और पेय में फाइबर के साथ विटामिन की भरपूर मात्रा होती है और केमिकल कम होता है, उन का सेवन डायबिटीज रोगियों के लिए लाभकारी होता है।
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मधुमेह रोगियों की डाइट - फोटो : istock
सुमन अग्रवाल

इस मौसम में ढेर सारे फल-सब्जियां आती हैं, मगर डायबिटीज रोगियों को कई फल-सब्जी नुकसान भी करते हैं। ऐसे में उन्हें किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए? मधुमेह यानी डायबिटीज जीवन-शैली से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जो खान-पान से सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। आप भले ही दवाएं ले रही हों या इंसुलिन, लेकिन आपकी डाइट में क्या शामिल है, आप क्या खाती हैं और क्या नहीं, यह बेहद मायने रखता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) के अनुसार, इस मौसम में जिन फलों, सब्जियों और पेय में फाइबर के साथ विटामिन की भरपूर मात्रा होती है और केमिकल कम होता है, उन का सेवन डायबिटीज रोगियों के लिए लाभकारी होता है।
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मधुमेह रोगियों की डाइट - फोटो : istock
कौन-कौन से फल

डायबिटीज के मरीजों को कुछ चुनिंदा फल खाने की ही अनुमति होती है, जिनमें से वे तरबूज, बेरीज, कीवी और अमरूद खा सकते हैं, क्योंकि इनका जीआई टैग कम होता है और ये ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण करते हैं। इन फलों में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व, जैसे कि एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो आपको ऊर्जा के साथ-साथ ठंडक भी देती है।

गर्मियों में इन फलों के साथ कई तरह की बेरीज बाजार में मिलती है, जैसे कि स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और शहतूत। बेरीज में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देती। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को फलों और सब्जियों के जूस के मुकाबले उनका साबुत रूप में सेवन करना चाहिए।
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मधुमेह रोगियों की डाइट - फोटो : istock
सब्जियों में क्या

डायबिटीज के रोगियों के लिए विभिन्न प्रकार की सब्जियों का सेवन करना महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस मौसम में आपको अपने आहार में मुख्य रूप से खीरा, करेला, आंवला, धनिया, लौकी, अदरक और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

ये सब्जियां आपके शरीर को हाइड्रेट रखती हैं, विटामिन ए, विटामिन बी एवं फाइबर मुहैया कराती हैं और कैलोरी को कम करती हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। इन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं और पाचन में सुधार लाते हैं, साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन, मिनरल और फाइबर से भरपूर होती हैं, जिनमें कैलोरी कम होती है। इसलिए ये डायबिटीज के रोगियों के लिए उत्तम हैं।

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मधुमेह रोगियों की डाइट - फोटो : istock
पेय पदार्थ भी जान लें

गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए हम तरह-तरह के पेय पीते हैं, लेकिन डायबिटीज रोगियों को इन पेय का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों के लिए नमकीन लस्सी, बेल का शरबत, सत्तू का पानी, अदरक एवं नींबू पानी और खीरे एवं पुदीने का शरबत पीना सबसे उत्तम रहता है, क्योंकि इनमें नेचुरल फाइबर, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट, कार्बोहाइड्रेट और फॉलेट यानी फोलिक एसिड होती है।

ये सभी ड्रिंक शुगर लेस होती हैं, जो आपको कूल रखती है और आप इनको बगैर किसी चिंता के पी सकती हैं। इनको आप ठंडे पानी, बर्फ के टुकड़े और जीरा पाउडर डालकर या अपनी पसंद के तरीके से बनाकर भी पी सकती हैं। ये पेय पदार्थ आपको हाइड्रेट रखते हैं और जरूरी पोषक तत्व भी मुहैया कराते हैं, जो कि ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
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मधुमेह रोगियों की डाइट - फोटो : istock
सबसे जरूरी केमिकल कंट्रोल

आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डॉ. शिखा नेहरू शर्मा कहती हैं, डायबिटीज से पीड़ित मरीज मीठे पर तो नियंत्रण कर लेते हैं, लेकिन उनके आहार में केमिकल कंट्रोल होना सबसे जरूरी है। बाजार में गर्मियों के दिनों में जीरो कैलोरी के नाम से ढेर सारे रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स मिलते हैं, लेकिन उनमें केमिकल की मात्रा भरपूर होती है। इनका सेवन आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा आप जिन भी ड्रिंक्स या फलों का सेवन करती हैं, उनमें आर्टिफिशियल शुगर की मात्रा न हो, इस पर ध्यान देना जरूरी है। फलों के रस के मुकाबले डायबिटीज के मरीजों के लिए सब्जियों का रस, छाछ और जौ का पानी शुगर कंट्रोल में कारगर रहता है। साथ ही आपको इस स्थिति में कोशिश करनी चाहिए कि आप जो भी चीजें खा रही हैं, उन से शरीर में इंफ्लेमेशन न हो।  

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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