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अध्ययन: इन अंगों पर देखे जा रहे हैं वर्क फ्रॉम होम के साइड-इफेक्ट्स, कहीं आपको भी तो नहीं हैं ऐसी दिक्कतें?

Thu, 18 Nov 2021 01:45 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्क फ्रॉम होम के साइड-इफेक्ट्स - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण के इस दौर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर ऑफिसों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सहूलियत दी हुई है। आलम यह है कि कई लोग पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से घर से ही ऑफिस के काम कर रहे हैं। चारों तरफ फैले जानलेवा वायरस से सरक्षित रहने के लिए तो इसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय से वर्क फ्रॉम होम के कारण ज्यादातर लोगों में कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं ने जन्म ले लिया है। डॉक्टरों के मुताबिक कई लोगों में ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का निदान किया जा रहा है, जिसके दीर्घकालिक प्रभाव काफी नुकसानदायक हो सकते हैं।

हाल ही में हुए कई अध्ययनों में भी शोधकर्ता इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि लंबे समय से वर्क फ्रॉम होम कर रहे कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक सेहत पर गंभीर असर देखा जा रहा है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं। 
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बढ़ गई हैं कई तरह की समस्याएं - फोटो : pixabay
अध्ययन में सामने आई यह बात
इटली में शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कर्मचारियों पर वर्क फ्रॉम होम के संभावित साइड-इफेक्ट्स के बारे में पता लगाया। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में कोविड-19 की शुरुआत से घर से काम कर रहे 51 लोगों पर सर्वे किया गया। अध्ययन के परिणाम में वैज्ञानिकों ने पाया कि इनमें से 41 फीसदी लोगों को  पीठ के निचले हिस्से में दर्द और 23.5 फीसदी लोगों ने गर्दन में दर्द की समस्या की शिकायत की। लगभग आधे लोगों ने बताया कि जब से उन्होंने घर से काम करना शुरू किया है तब से उनकी गर्दन का दर्द 50 फीसदी तक बढ़ गया है।
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रीढ़ में समस्या - फोटो : iStock
रीढ़ की हड्डी पर देखा जा रहा है असर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि लंबे समय से घर से काम कर रहे ज्यादातर लोगों की रीढ़ की हड्डी झुक गई है। वर्क फ्रॉम होम के कारण लोगों के पॉश्चर में बदलाव आ गया है जिसका सीधा असर उनकी हड़्डियों पर देखने को मिल रहा है। कई लोगों के रीढ़ की हड्डी 120 डिग्री तक झुकने लगी है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके दीर्घकालिक प्रभाव काफी गंभीर हो सकते हैं।

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आंखों पर हो रहा है असर - फोटो : Pixabay
आंखों पर पड़ा रहा है नकारात्मक असर
विशेषज्ञों के मुताबिक वर्क फ्रॉम होम के दौरान लोगों के काम करने का समय और स्क्रीन टाइम, ऑफिस की तुलना में काफी बढ़ गया है। यही कारण है कि ज्यादातर लोगों को धुंधला दिखाई देने की समस्या हो रही है। जॉनसन एंड जॉनसन विजन में ऑप्टोमेट्रिस्ट डेनियल रिचर्डसन कहते हैं-
स्क्रीन पर लोगों का बीतने वाला हर अतिरिक्त घंटा आंखों पर नकारात्मक असर डाल रहा है। आंखों की कमजोरी के साथ-साथ इस वजह से लोगों में तनाव की समस्या भी बढ़ती हुई देखी जा रही है। 
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मानसिक स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : Pixabay
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
न्यू मैक्सिको स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जगदीश खुबचंदानी कहते हैं-
लंबे समय से घर से काम करने के कारण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। अमेरिकी घरों को कार्यालय बनाने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था, ऐसे में लोगों को तरह-तरह की समस्याएं हो रही हैं। अधिकतर लोग घर पर ज्यादा देर तक काम कर रहे हैं, जिसके चलते उनका लोगों से मेलजोल कम होता गया है जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा जोखिम है।


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स्रोत और संदर्भ
Impact of COVID-19 Stay-at-Home Restrictions on Employment Status, Physical Activity, and Sedentary Behavior

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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